छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! रेरा (RERA) के कड़े नियमों ने बिल्डरों की मनमानी पर लगाई लगाम, अब सरकारी एजेंसियां भी दायरे में

छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! रेरा (RERA) के कड़े नियमों ने बिल्डरों की मनमानी पर लगाई लगाम, अब सरकारी एजेंसियां भी दायरे में, अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी राहत दी है। रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) के नियमों को प्रदेश में बेहद सख्ती से लागू कर दिया गया है। अब कोई भी बिल्डर, कॉलोनाइजर या रियल एस्टेट एजेंट बिना वैध रेरा पंजीयन के मकान या जमीन की बिक्री नहीं कर सकेगा। इस कदम से फर्जीवाड़े पर लगाम लगी है और ग्राहकों की मेहनत की पूंजी सुरक्षित हुई है।
बिना रेरा (RERA) पंजीयन के नहीं होगी प्रॉपर्टी की बिक्री
छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! नए नियमों के मुताबिक, निजी बिल्डरों के साथ-साथ अब सरकारी निर्माण एजेंसियों (जैसे हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम) के लिए भी अपने प्रोजेक्ट्स का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पंजीयन के बाद प्रत्येक प्रोजेक्ट को एक ‘यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर’ दिया जाता है, जो उस प्रोजेक्ट की वैधता का प्रमाण होता है।
विज्ञापनों में रेरा नंबर अनिवार्य: पारदर्शिता की नई पहल
छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! बिल्डरों के लिए अब यह अनिवार्य है कि वे अपने किसी भी विज्ञापन, सोशल मीडिया पोस्ट या ब्रोशर में रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर का उल्लेख जरूर करें। इससे खरीदारों को यह सुविधा मिलेगी कि वे रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रोजेक्ट की वास्तविक स्थिति, निर्माण की समय-सीमा और वैधानिक स्वीकृतियों की जांच ऑनलाइन कर सकें।
वादों से मुकरने वाले बिल्डरों पर गिरेगी गाज
छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! अक्सर देखा गया है कि बिल्डर एग्रीमेंट के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन बाद में उनसे मुकर जाते हैं। अब ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। यदि कोई बिल्डर तय मानकों का उल्लंघन करता है या समय पर पजेशन नहीं देता, तो उपभोक्ता सीधे रेरा में शिकायत कर सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि बिल्डर का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
3 साल की सजा और भारी जुर्माना: धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार
रेरा अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है:
गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में 3 साल तक की जेल।
नियमों की अनदेखी पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
प्रोजेक्ट में देरी होने पर बिल्डर को खरीदार को ब्याज समेत राशि लौटानी होगी।
सरकारी एजेंसियां और हाउसिंग बोर्ड भी अब रेरा के नियंत्रण में
छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! यह नियम केवल निजी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) और अन्य सरकारी निकाय भी अब रेरा के दायरे में हैं। इससे सरकारी प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का निपटारा भी तेजी से होगा। अब उपभोक्ताओं को छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए लंबी कोर्ट-कचहरी की प्रक्रियाओं से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अवैध कॉलोनाइजिंग और प्लॉटिंग पर रोक
छत्तीसगढ़ में घर खरीदारों की बल्ले-बल्ले! राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉट में बदलकर बेचने वाले गिरोहों पर रेरा ने नकेल कसी है। अब केवल रेरा से स्वीकृत प्रोजेक्ट ही बाजार में बिक सकेंगे, जिससे अवैध कॉलोनियों के जाल में फंसने से आम जनता बच सकेगी।



















