विदेश

गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें, नमक-पानी पर जी रहे लोग

गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें, नमक-पानी पर जी रहे लोग

मुख्य बातें:

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
  • इजराइल-हमास युद्ध के 22 महीनों में गाजा में अकाल जैसे हालात, भूख से 124 की मौत।

  • मरने वालों में 81 बच्चे शामिल, लोग नमक और पानी पीकर गुजारा करने को मजबूर।

  • एक बिस्किट का पैकेट 750 रुपये में बिक रहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की युद्धविराम की अपील।

  • बढ़ते दबाव के बीच इजराइल ने एयर रूट से मदद भेजने और ह्यूमेनिटेरियन कॉरिडोर खोलने की घोषणा की।

गाजा में जिंदगी की जंग, भूख बनी सबसे बड़ा दुश्मन

गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें, इजराइल-हमास के बीच चल रहे युद्ध को 22 महीने पूरे हो चुके हैं और इस लंबे संघर्ष ने गाजा पट्टी को एक मानवीय आपदा के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। यहां अब गोलियों से ज्यादा भूख लोगों की जान ले रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भुखमरी और कुपोषण के कारण अब तक 124 लोगों की तड़प-तड़पकर मौत हो चुकी है, जिनमें 81 मासूम बच्चे शामिल हैं।

हालात इतने भयावह हैं कि खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। 50 ग्राम का एक बिस्किट का पैकेट 750 रुपये तक में बिक रहा है। नकदी की इतनी किल्लत है कि एटीएम से पैसे निकालने के लिए लोगों को 45% तक का भारी कमीशन देना पड़ रहा है। एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि 21 महीनों में उनका वजन 30 किलो तक घट गया है और वह लगातार थकान और चक्कर आने से जूझ रहे हैं।गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें

अस्पतालों में घायलों से ज्यादा कुपोषण के शिकार

गाजा के नासिर अस्पताल के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अब हर कोई भुखमरी से लड़ रहा है। पहले जहां अस्पतालों में हवाई हमलों से घायल मरीज ज्यादा आते थे, वहीं अब बिस्तर कुपोषण और भूख से पीड़ित बच्चों से भरे पड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, गाजा की एक तिहाई आबादी को कई-कई दिनों में सिर्फ एक बार ही खाना नसीब हो पा रहा है।गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें

अंतरराष्ट्रीय दबाव और युद्धविराम की मांग

गाजा के इस मानवीय संकट को देखते हुए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने एक संयुक्त बयान जारी कर तत्काल युद्धविराम की अपील की है, ताकि बंधकों की रिहाई से पहले ही नागरिकों तक खाना और पानी पहुंचाया जा सके। तीनों देशों ने इजराइल को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने की भी याद दिलाई है।गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें

वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमास शांति नहीं चाहता और इजराइल को अपना सैन्य अभियान तेज कर उसे पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें

आलोचनाओं के बीच इजराइल का कदम

अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बीच, इजराइल ने अब मदद के लिए रास्ते खोलने की बात कही है। इजराइली सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विदेशी देशों को अब एयर रूट के जरिए गाजा में राहत सामग्री भेजने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, अमेरिका में इजराइल के राजदूत ने जानकारी दी है कि इजराइली सेना गाजा के लिए एक ‘ह्यूमेनिटेरियन कॉरिडोर’ भी शुरू करेगी, ताकि आम जनता तक भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाई जा सकें।गाजा में भूख से हाहाकार: 22 महीने के युद्ध में 124 मौतें

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE
सैकड़ो वर्षो से पहाड़ की चोटी पर दिका मंदिर,51 शक्ति पीठो में है एक,जानिए डिटेल्स शार्ट सर्किट की वजह से फर्नीचर कंपनी के गोदाम में लगी आग महेश नवमी का माहेश्वरी समाज से क्या है संबंध? भारत ऑस्ट्रेलिया को हराकर टी20 वर्ल्ड कप से कर सकता है बाहर बिना कुछ पहने सड़को पर निकल गई उर्फी जावेद , देखकर बोले फैंस ये क्या छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित, जानें पूरी डिटेल एक जुलाई से बदलने वाला है IPC, जाने क्या होने जा रहे है बदलाव WhatsApp या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नहीं दिया जा सकता धारा 41ए CrPC/धारा 35 BNSS नोटिस The 12 Best Superfoods for Older Adults Mother died with newborn case : महिला डॉक्टर समेत 2 नर्सों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज