जांजगीर-चांपा में 142 पटवारियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस
संसाधनों की कमी का हवाला देकर 16 अगस्त से कर रहे थे काम का बहिष्कार, गिरदावरी प्रभावित होने से आम लोग परेशान, 3 दिन में मांगा जवाब।

जांजगीर-चांपा, ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस, जांजगीर-चांपा जिले में अपनी मांगों को लेकर ऑनलाइन शासकीय कार्यों का बहिष्कार कर रहे 142 पटवारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम ने इन सभी पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। पटवारियों के इस कदम से गिरदावरी जैसे महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि, पटवारी संघ लंबे समय से संसाधनों की कमी सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर आंदोलनरत है। इसी क्रम में, उन्होंने 16 अगस्त से सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया था। यह बहिष्कार ऐसे समय में किया जा रहा है जब जिले में फसलों की गिरदावरी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है, जो पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर है। काम ठप होने से किसान और आम नागरिक अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस
प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई
आम जनता की परेशानियों और शासकीय कार्यों में आ रही बाधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) ने अपने-अपने क्षेत्र के दोषी पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम जांजगीर ने 40, एसडीएम चांपा ने 32, एसडीएम पामगढ़ ने 28 और एसडीएम अकलतरा ने 42 पटवारियों को नोटिस भेजा है।ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस
नोटिस में दी गई चेतावनी
जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पटवारियों द्वारा ऑनलाइन काम का बहिष्कार करना ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(2)’ का उल्लंघन है। नोटिस में पटवारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित पटवारियों के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966’ के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस
इस कार्रवाई के बाद अब देखना यह होगा कि पटवारी अपना बहिष्कार समाप्त करते हैं या प्रशासन और पटवारियों के बीच यह टकराव और बढ़ता है।ऑनलाइन काम बंद करने पर थमाया कारण बताओ नोटिस









