सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR, उप पंजीयक को बचाने का आरोप! संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR, उप पंजीयक को बचाने का आरोप! संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुख्य बिंदु:
सीतापुर में पटवारी संघ ने फर्जी रजिस्ट्री मामले में एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।
WhatsApp Group Join NowFacebook Page Follow NowYouTube Channel Subscribe NowTelegram Group Follow NowInstagram Follow NowDailyhunt Join NowGoogle News Follow Us!एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्कालीन थाना प्रभारी और उप पंजीयक पर कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर पटवारी पर FIR की गई, जबकि मुख्य आरोपी को बचाया गया।
पटवारी संघ ने मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
सीतापुर, छत्तीसगढ़: सरगुजा जिले के सीतापुर में एक फर्जी जमीन रजिस्ट्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से नाराज पटवारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने शासन के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी और उप पंजीयक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR
क्या है पूरा फर्जी रजिस्ट्री कांड?
यह पूरा विवाद ग्राम पेटला निवासी भू-स्वामी खीरु आचेंगा की 2.705 एकड़ जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि एक जमीन दलाल ने क्रेता को धोखा देते हुए, असली भू-स्वामी खीरु आचेंगा की जगह किसी अन्य व्यक्ति खीरु आरांगा को खड़ा कर दिया और जमीन की रजिस्ट्री करवा दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रजिस्ट्री के दौरान जरूरी दस्तावेज पूरे न होने के बावजूद, तत्कालीन उप पंजीयक अर्चना जायसवाल ने नियमों को ताक पर रखकर इस फर्जी रजिस्ट्री को अंजाम दे दिया।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR
पटवारी संघ का आरोप: थाना प्रभारी ने अपनाया दोहरा रवैया
जब इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ तो असली भू-स्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने कार्रवाई करते हुए फर्जी विक्रेता, क्रेता और दो गवाहों के साथ-साथ हल्का पटवारी के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR
पटवारी संघ का विरोध यहीं से शुरू हुआ। संघ का कहना है:
नियमों का उल्लंघन: शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले विभागीय प्रमुख की अनुमति लेना अनिवार्य है। तत्कालीन थाना प्रभारी ने इस नियम का सरासर उल्लंघन किया।
उप पंजीयक को बचाने का आरोप: संघ का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े की मुख्य सूत्रधार उप पंजीयक अर्चना जायसवाल थीं, लेकिन थाना प्रभारी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
सांठगांठ का शक: पटवारी संघ ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उप पंजीयक से सांठगांठ कर उन्हें बचाने की कोशिश की और उनसे ही फर्जी विक्रेता और क्रेता के खिलाफ एक अलग रिपोर्ट दर्ज करवाई, ताकि वह इस मामले से साफ बच निकलें।
न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन
पटवारी संघ ने तत्कालीन थाना प्रभारी के इस “दोहरे रवैये” और “गैर-जिम्मेदाराना” कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के नेतृत्व में पटवारियों ने एसडीएम नीरज कौशिक और एसडीओपी राजेंद्र सिंह मंडावी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR
उनकी स्पष्ट मांग है कि इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल और उप पंजीयक अर्चना जायसवाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR
ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवारी संघ के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ हरिश्चंद्र सोनी, गोपाल सोनी, मनोज सिंह, बालेश्वर सिंह, फैयाज अंसारी, जितेंद्र पैंकरा और अनिरुद्ध पैंकरा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।सीतापुर में बवाल: फर्जी रजिस्ट्री में पटवारी पर FIR



















