Income Tax Refund Status: ITR Refund Update: अटक सकता है आपका रिफंड! 31 दिसंबर से पहले तुरंत निपटाएं यह काम, वरना बढ़ेगी मुश्किल

Income Tax Refund Status: ITR Refund Update: अटक सकता है आपका रिफंड! 31 दिसंबर से पहले तुरंत निपटाएं यह काम, वरना बढ़ेगी मुश्किल, अगर आप भी अपने इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं और अब तक पैसा खाते में नहीं आया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। असेसमेंट ईयर 2024-25 (वित्त वर्ष 2023-24) के लिए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न (Revised ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। अगर आपने 31 दिसंबर तक अपनी गलतियां नहीं सुधारीं, तो आपका रिफंड फंस सकता है।
31 दिसंबर के बाद नहीं मिलेगा सुधार का मौका
Income Tax Refund Status:इनकम टैक्स विभाग की नियमावली के अनुसार, बिलेटेड और रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 है।
नुकसान: इस डेडलाइन के निकलने के बाद आप अपने रिटर्न में कोई भी सुधार नहीं कर पाएंगे।
स्क्रूटनी का खतरा: यदि विभाग को आपके रिटर्न में कोई गड़बड़ी मिलती है और सुधार का समय निकल चुका है, तो आपका केस डिटेल स्क्रूटनी में जा सकता है। इससे न केवल रिफंड में देरी होगी, बल्कि टैक्स की लायबिलिटी भी बढ़ सकती है।
सैलरीड क्लास को क्यों मिल रहे हैं ज्यादा नोटिस?
Income Tax Refund Status:इनकम टैक्स विभाग उन टैक्सपेयर्स को ईमेल के जरिए अलर्ट भेज रहा है जिनके डेटा में विसंगतियां (Mismatch) पाई गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या वेतनभोगी कर्मचारियों की है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
डेटा मिसमैच: कई बार कर्मचारी ITR फाइल करते समय 80C, 80D या HRA जैसे डिडक्शन क्लेम कर लेते हैं, लेकिन उनकी जानकारी एम्प्लॉयर को नहीं देते।
26AS और AIS के साथ अंतर: जब आपकी सैलरी का डेटा फॉर्म 26AS और AIS (Annual Information Statement) से मेल नहीं खाता, तो विभाग नोटिस जारी कर देता है।
टैक्स रिजीम का गलत चुनाव: एम्प्लॉयर ने नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के हिसाब से टीडीएस काटा, लेकिन आपने पुरानी रिजीम चुनकर रिटर्न भर दिया। यह गड़बड़ी रिफंड रोकने का बड़ा कारण बनती है।
सावधान! ITR भरते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां
Income Tax Refund Status:अगर आप चाहते हैं कि आपका रिफंड बिना किसी रुकावट के सीधे बैंक खाते में आए, तो रिवाइज्ड रिटर्न भरते समय इन बातों का खास ख्याल रखें:
फर्जी डिडक्शन से बचें: बिना किसी पुख्ता दस्तावेज के भारी-भरकम डिडक्शन या छूट क्लेम न करें।
आय के अन्य स्रोत: केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि बैंक ब्याज (Interest), डिविडेंड, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हुए कैपिटल गेन की जानकारी जरूर दें।
क्रिप्टो से कमाई: अगर आपने क्रिप्टो करेंसी या वर्चुअल डिजिटल एसेट से कमाई की है, तो उसे छिपाएं नहीं।
दस्तावेजों का मिलान: ITR भरने से पहले अपने फॉर्म 16, AIS और फॉर्म 26AS का बारीकी से मिलान कर लें।
HRA और LTA: घर किराया भत्ता (HRA) या लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) के गलत दावों पर विभाग की कड़ी नजर रहती है।



















