रायपुरहमर छत्तीसगढ़

खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई और वन तस्करी का बढ़ता खतरा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमण्डल अंतर्गत आदिवासी क्षेत्र के खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन जैसे मूल्यवान पेड़ों की अवैध कटाई की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। वन परिक्षेत्र कार्यालय के प्रभारी रेंजर मनीष श्रीवास्तव की निष्क्रियता के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि वन विभाग ने अब तक इस अवैध गतिविधि पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है, जिससे तस्करों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं। खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई और वन तस्करी का बढ़ता खतरा

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई जारी

नेवरी के जंगल में सैकड़ों सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई हो चुकी है, और इन टूटे हुए पेड़ों के अवशेष अब भी जंगल में पड़े हैं। इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस पर चुप्प हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एक बड़ा वन तस्कर गिरोह इस क्षेत्र में सक्रिय है, जो वन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से इन जंगलों को खत्म करने में लगा हुआ है। यदि यही हालात रहे, तो इस आदिवासी क्षेत्र का आच्छादित वन समाप्त हो सकता है। खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई और वन तस्करी का बढ़ता खतरा

वन सुरक्षा समितियां बनीं कागजी

राज्य सरकार ने वनों की सुरक्षा और पर्यावरण जागरूकता के लिए गांव-गांव में वन सुरक्षा समितियों का गठन किया है। लेकिन, यहां पर स्थिति पूरी तरह से विपरीत है। वन सुरक्षा समितियां केवल कागजों में बनी हुई हैं और इनकी वास्तविकता में कोई भूमिका नहीं है। इसके कारण वन तस्करों के लिए जंगलों में कानून की धज्जियां उड़ाना आसान हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने वनरक्षक और रेंजर को इस बारे में शिकायत भी की थी, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के मामला जस का तस बना हुआ है। खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई और वन तस्करी का बढ़ता खतरा

वन विभाग की नाकामी

केंद्र और राज्य सरकार प्रतिवर्ष वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन वन विभाग इस प्रयास में नाकाम साबित हो रहा है। यदि जल्द ही इस पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह क्षेत्र पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। खोड़री वन परिक्षेत्र में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई और वन तस्करी का बढ़ता खतरा

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE
सैकड़ो वर्षो से पहाड़ की चोटी पर दिका मंदिर,51 शक्ति पीठो में है एक,जानिए डिटेल्स शार्ट सर्किट की वजह से फर्नीचर कंपनी के गोदाम में लगी आग महेश नवमी का माहेश्वरी समाज से क्या है संबंध? भारत ऑस्ट्रेलिया को हराकर टी20 वर्ल्ड कप से कर सकता है बाहर बिना कुछ पहने सड़को पर निकल गई उर्फी जावेद , देखकर बोले फैंस ये क्या छत्तीसगढ़ पुलिस कांस्टेबल शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख घोषित, जानें पूरी डिटेल एक जुलाई से बदलने वाला है IPC, जाने क्या होने जा रहे है बदलाव WhatsApp या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नहीं दिया जा सकता धारा 41ए CrPC/धारा 35 BNSS नोटिस The 12 Best Superfoods for Older Adults Mother died with newborn case : महिला डॉक्टर समेत 2 नर्सों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज