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इंफोसिस ने 300+ फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला, जानें इसके पीछे की वजह

नई दिल्ली: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने अपने मैसूर कैंपस में 350 से ज्यादा फ्रेशर्स को नौकरी से निकाल दिया है। इसका मुख्य कारण आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) में उनका असफल होना बताया गया है। कंपनी के अनुसार, इन कर्मचारियों को तीन प्रयास दिए गए थे, लेकिन वे आवश्यक 65% अंक प्राप्त नहीं कर सके। इंफोसिस ने 300+ फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला, जानें इसके पीछे की वजह

क्यों निकाले गए फ्रेशर्स?

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, इस मूल्यांकन का उद्देश्य जावा प्रोग्रामिंग (Java Programming) और डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) में उनकी दक्षता को परखना था। जो फ्रेशर्स 65% स्कोर करने में असफल रहे, उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया।

जब इंफोसिस से इस फैसले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो कंपनी ने कहा:

“इंफोसिस में, हमारे पास एक सख्त ट्रेनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया है। फ्रेशर्स को हमारे मैसूर ट्रेनिंग सेंटर में गहन प्रशिक्षण से गुजरना होता है और फिर तीन प्रयासों में आंतरिक मूल्यांकन पास करना जरूरी होता है। यह प्रक्रिया 20 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है और इसका उद्देश्य ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ टैलेंट उपलब्ध कराना है।”

फ्रेशर्स के आरोप – दो साल बाद नौकरी मिली, फिर भी निकाला गया

TOI की रिपोर्ट में एक फ्रेशर ने बताया:

“मुझे 2022 में ऑफर लेटर मिला था, लेकिन मुझे 2024 में नौकरी जॉइन करने का मौका मिला। अब जब मैं मूल्यांकन में 63% स्कोर करने के कारण फेल हो गया, तो मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। मुझे कोई वैकल्पिक आवास नहीं दिया गया और शाम 6 बजे तक कैंपस छोड़ने के लिए कहा गया।”

IT यूनियन NITES का विरोध – ‘असम्मानजनक तरीके से निकाला’

आईटी कर्मचारियों के संगठन NITES (Nascent Information Technology Employees Senate) के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने इस फैसले की निंदा की। उन्होंने कहा:

“इन फ्रेशर्स को ऑफर लेटर मिलने के बाद दो साल तक इंतजार कराया गया, और अब बिना किसी नोटिस के निकाल दिया गया। इंफोसिस ने उन्हें मीटिंग रूम में बुलाकर दबाव में ‘म्यूचुअल सेपरेशन’ (Mutual Separation) लेटर पर साइन करने के लिए मजबूर किया।”

लेबर मिनिस्ट्री के समक्ष शिकायत करेगी NITES

NITES ने घोषणा की है कि वह भारत सरकार के श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगी। संगठन का कहना है कि वे निकाले गए कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी कदम उठाएंगे। इंफोसिस ने 300+ फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला, जानें इसके पीछे की वजह

Nidar Chhattisgarh Desk

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