
Kushinagar Case Update: मासूम से दरिंदगी के बाद गला रेतकर हत्या,उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ की एक विशेष अदालत ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के मामले में आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस कृत्य को मानवता के विरुद्ध बताते हुए दोषी को जीवन के अंतिम सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया है।
पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
मासूम से दरिंदगी के बाद गला रेतकर हत्या,यह महत्वपूर्ण निर्णय कुशीनगर (पडरौना) के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत द्वारा सुनाया गया। कोर्ट ने आरोपी माईगर महेशिया को मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कठोर दंड ही एकमात्र न्याय है।
क्या थी पूरी घटना? (साल 2020 का मामला)
यह दिल दहला देने वाली वारदात वर्ष 2020 की है। कुशीनगर के गुरवलिया बाजार क्षेत्र के मठिया टोला की रहने वाली एक नन्हीं बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत पर गई थी। शाम के समय माता-पिता ने बच्ची को साइकिल पर सामान लादकर घर के लिए रवाना कर दिया, जबकि वे खुद दूसरे रास्ते से घर लौट रहे थे। मासूम सड़क के रास्ते निकली थी, लेकिन वह देर रात तक घर नहीं पहुँची।
खेत में मिला था मासूम का क्षत-विक्षत शव
मासूम से दरिंदगी के बाद गला रेतकर हत्या,जब बच्ची घर नहीं पहुँची, तो घबराए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 10 बजे गांव के बाहर एक खेत में बच्ची का शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद हुआ। दरिंदे ने बच्ची का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी थी। घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और फॉरेंसिक जांच शुरू की गई।
पुलिस की जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
मासूम से दरिंदगी के बाद गला रेतकर हत्या,पुलिस ने शक के आधार पर कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी माईगर महेशिया का नाम सामने आया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए साबित किया कि आरोपी ने ही बच्ची का अपहरण कर उसके साथ घिनौना कृत्य किया और पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी।
4.25 लाख रुपये का जुर्माना और कड़ी सजा
न्यायालय ने धारा 302, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत सुनवाई करते हुए दोषी को निम्नलिखित सजाएँ सुनाईं:
आजीवन कारावास: दोषी को अपने शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रहना होगा।
भारी जुर्माना: अदालत ने दोषी पर 4.25 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
मुआवजा: जुर्माने की राशि का एक बड़ा हिस्सा पीड़िता के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाएगा।
मासूम से दरिंदगी के बाद गला रेतकर हत्या,वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी रामचंद्र गुप्ता को सबूतों के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया। सरकारी अधिवक्ताओं की प्रभावी पैरवी के चलते 6 साल बाद मासूम को इंसाफ मिल सका है।
समाज के लिए कड़ा संदेश
अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराध न केवल कानूनी रूप से बल्कि नैतिक रूप से भी अक्षम्य हैं। इस फैसले से अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा और पीड़ित परिवार को कुछ हद तक मानसिक शांति मिलेगी।



















