लेबनान में इजरायली हवाई हमले का कहर: युद्ध की कवरेज कर रहे 3 पत्रकारों की दर्दनाक मौत

लेबनान: दक्षिण लेबनान में जारी संघर्ष के बीच एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। शनिवार को इजरायल द्वारा किए गए एक हवाई हमले में तीन पत्रकारों की जान चली गई। ये पत्रकार ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे युद्ध की रिपोर्टिंग कर रहे थे।
वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब पर इजरायल के गंभीर आरोप
लेबनान में इजरायली हवाई हमले का कहर:इस हमले में मारे गए पत्रकारों में अल-मनार टीवी के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब भी शामिल थे। अली शोएब पिछले लगभग 30 वर्षों से दक्षिण लेबनान के क्षेत्रों से रिपोर्टिंग कर रहे थे। इजरायली सेना ने दावा किया कि शोएब केवल पत्रकार नहीं थे, बल्कि वे हिजबुल्लाह के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का काम कर रहे थे और सैनिकों की लोकेशन साझा कर रहे थे। हालांकि, इजरायल ने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है। दूसरी ओर, अल-मनार टीवी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अली शोएब को एक प्रतिबद्ध और पेशेवर पत्रकार बताया है।
लाइव रिपोर्टिंग के कुछ देर बाद ही अल-मयादीन की टीम बनी निशाना
जमीन (Jezzine) जिले में हुए इसी हमले में बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी की रिपोर्टर फातिमा फतौनी और उनके भाई मोहम्मद फतौनी (वीडियो जर्नलिस्ट) की भी मौत हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, फातिमा हमले से कुछ ही समय पहले तक घटनास्थल से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं। एक ही परिवार के दो मीडियाकर्मियों की मौत ने पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है।
राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने बताया ‘जघन्य अपराध’
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस हमले पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक “जघन्य अपराध” करार दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पत्रकारों को युद्ध क्षेत्र में सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन यह हमला तमाम अंतरराष्ट्रीय समझौतों और मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
मीडिया संस्थानों पर बढ़ते हमले: एक चिंताजनक स्थिति
लेबनान में इजरायली हवाई हमले का कहर:यह पहली बार नहीं है जब लेबनान में मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया गया है। कुछ दिन पहले ही बेरूत में हुए एक हमले में अल-मनार टीवी के राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रमुख मोहम्मद शेरी और उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। इससे पहले इजरायली हमले में अल-मनार टीवी के मुख्यालय और अल-नूर रेडियो स्टेशन को भी भारी नुकसान पहुँचाया जा चुका है।
लेबनान में इजरायली हवाई हमले का कहर:आंकड़ों के अनुसार, इस साल लेबनान में अब तक 5 पत्रकार और मीडियाकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्ध क्षेत्र में पत्रकारों की बढ़ती मौतें प्रेस की स्वतंत्रता और उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।



















