38 लाख की नौकरी, 8 करोड़ की संपत्ति! शिवपुरी के ‘धनकुबेर’ मास्टरजी ने थाने की जमीन भी नहीं छोड़ी

38 लाख की नौकरी, 8 करोड़ की संपत्ति! शिवपुरी के ‘धनकुबेर’ मास्टरजी ने थाने की जमीन भी नहीं छोड़ी. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में ‘दीपक तले अंधेरा’ वाली कहावत उस वक्त सच साबित हो गई, जब एक सरकारी स्कूल के शिक्षक के घर EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) और लोकायुक्त ने छापा मारा। यह सामान्य शिक्षक नहीं, बल्कि ‘धनकुबेर’ निकला। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। महज कुछ हजार की तनख्वाह पाने वाले मास्टरजी के पास करोड़ों की काली कमाई का साम्राज्य मिला है।
सैलरी 38 लाख, संपत्ति 8 करोड़! अधिकारी भी रह गए दंग
शिवपुरी के भौंती में पदस्थ प्राथमिक सहायक शिक्षक सुरेश सिंह भदौरिया के यहां हुई कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है। EOW की जांच में सामने आया कि अपनी पूरी सरकारी नौकरी के दौरान भदौरिया को वेतन के रूप में कुल लगभग 38 लाख 4 हजार रुपये मिले थे। लेकिन, छापे के दौरान उनके पास से 8 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। यानी अपनी वैध आय से उन्होंने करीब 200 गुना अधिक संपत्ति अर्जित कर ली थी।38 लाख की नौकरी, 8 करोड़ की संपत्ति!
घर से निकलीं 44 जमीनों की रजिस्ट्री और नोटों का हिसाब
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को शिक्षक के घर से अकूत खजाने का पता चला है। काली कमाई का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। अब तक की जांच में यह चीजें सामने आई हैं:
44 भू-अधिकार पुस्तिकाएं (जमीन के दस्तावेज)
12 बैंक पासबुक
आलीशान मकान और कई दुकानें
सोना-चांदी के जेवरात
ट्रक, ट्रैक्टर और लग्जरी कारें
दबंगई ऐसी कि थाने की जमीन भी कब्जा ली
सुरेश सिंह भदौरिया सिर्फ अमीर ही नहीं, बल्कि इलाके का बड़ा दबंग भी निकला। उसकी दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने भौंती पुलिस थाने की जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। उसने न सिर्फ जमीन हथियाई बल्कि उसे अपना बताते हुए कोर्ट में केस भी कर दिया। हालांकि, एक महीने पहले ही वह यह केस हार गया, जिसके बाद प्रशासन ने थाने की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। उस पर आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।38 लाख की नौकरी, 8 करोड़ की संपत्ति!
राशन की दुकान से रियल एस्टेट तक का सफर
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सरकारी शिक्षक बनने से पहले सुरेश सिंह राशन की दुकान चलाता था। बाद में वह प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में उतर गया। आय से अधिक संपत्ति की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद EOW और लोकायुक्त ने यह संयुक्त कार्रवाई की, जिसमें करोड़ों की हेराफेरी का पर्दाफाश हुआ है।38 लाख की नौकरी, 8 करोड़ की संपत्ति!



















