
कलयुगी पिता ने ₹8 लाख में बेचे अपने ही दो बच्चे, हरियाणा के बहादुरगढ़ में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय बच्चा तस्करी गिरोह (Child Trafficking Racket) का पर्दाफाश किया है, जिसकी क्रूरता जानकर रूह कांप जाएगी। इस गिरोह के तार देश के 10 राज्यों से जुड़े हैं और इन्होंने अब तक 50 से ज्यादा नवजात शिशुओं का सौदा किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह के एक सदस्य ने चंद रुपयों के लालच में अपनी अलग-अलग पत्नियों से हुए अपने ही दो मासूम बच्चों को ₹8 लाख में बेच डाला।
पिता ने ही किया औलाद का सौदा
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का सक्रिय सदस्य संदीप पवार, जो फरीदाबाद का रहने वाला है, उसने मानवता की सारी हदें पार कर दीं। संदीप ने अपनी दो अलग-अलग पत्नियों से हुए एक बेटे और एक बेटी का सौदा कर दिया। इन दोनों बच्चों को उसने करीब 8 लाख रुपये में बेचा। फिलहाल संदीप पुलिस की गिरफ्त में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
10 राज्यों में फैला था तस्करी का काला साम्राज्य
जांच में यह बात निकलकर आई है कि यह गिरोह साल 2022 से सक्रिय है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और चंडीगढ़ जैसे राज्यों में इन्होंने अपना नेटवर्क फैला रखा था। अब तक 50 से अधिक बच्चों के बेचे जाने की आशंका है, जिनमें से पुलिस ने फिलहाल 40 मामलों की पुष्टि कर दी है।
‘गोद लेने’ के नाम पर चलता था अवैध धंधा
कलयुगी पिता ने ₹8 लाख में बेचे अपने ही दो बच्चे, यह गिरोह निसंतान दंपत्तियों को निशाना बनाता था। कानूनी रूप से बच्चा गोद दिलाने का झांसा देकर ये लोग नवजात शिशुओं का लाखों रुपये में सौदा करते थे। गिरोह का सरगना प्रगट सिंह उर्फ लाडी अभी फरार है। पुलिस ने लाडी के पंजाब स्थित आवास पर छापेमारी की, लेकिन उसका पूरा परिवार भूमिगत हो गया है। बताया जा रहा है कि इस काले धंधे में लाडी की पत्नी और साली भी बराबर की शरीक थीं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: SIT गठित और खाते फ्रीज
कलयुगी पिता ने ₹8 लाख में बेचे अपने ही दो बच्चे, बहादुरगढ़ पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह के सदस्य और बच्चों को खरीदने वाले माता-पिता शामिल हैं। मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि पैसों के लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड निकाला जा सके।
बरामद बच्चों का होगा DNA टेस्ट
कलयुगी पिता ने ₹8 लाख में बेचे अपने ही दो बच्चे, पुलिस ने अब तक दो बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया है, जिन्हें फिलहाल रेवाड़ी के संरक्षण केंद्र भेजा गया है। पकड़े गए आरोपियों और बरामद बच्चों का DNA टेस्ट कराया जाएगा ताकि जैविक माता-पिता की पहचान हो सके। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।
कलयुगी पिता ने ₹8 लाख में बेचे अपने ही दो बच्चे, यह मामला न केवल पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है, बल्कि समाज के उस काले चेहरे को भी उजागर करता है जहाँ पैसों के लिए मासूम जिंदगियों का सौदा किया जा रहा है।



















