पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रडार पर
सूत्रों के अनुसार, शराब घोटाले की जांच पूर्व मुख्यमंत्री के करीबियों और रिश्तेदारों तक पहुंच सकती है। ED पहले से ही सुजीत चंद्राकर, पप्पू बंसल, सुरेश पटाखा, मनीष बंछोर और निर्मल कोसरे जैसे नामों की भूमिका की जांच कर रही है। रिमांड के दौरान यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी घोटाले से जुड़ी अहम जानकारी और बड़े नामों का खुलासा कर सकते हैं। शराब घोटाले की जांच में तेजी, पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भी रडार पर!
झीरम घाटी कांड की भी जांच की संभावना
कवासी लखमा का नाम झीरम घाटी कांड में भी कई बार नक्सलियों से जुड़ने को लेकर सामने आया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस कांड की गहनता से जांच की जाए तो नए खुलासे हो सकते हैं। ED इस मामले को भी शराब घोटाले के साथ जोड़कर देख सकती है। शराब घोटाले की जांच में तेजी, पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भी रडार पर!
जेल में हैं कई प्रमुख आरोपी
शराब घोटाले में पहले से ही अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी, और अनिल टुटेजा सहित 11 आरोपी जेल में बंद हैं। इन्हीं के बयानों के आधार पर ED ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया है। कवासी लखमा ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा था, “मैं गरीब आदमी हूं और अनपढ़ हूं। मैंने अधिकारियों के कहने पर हस्ताक्षर किए। अगर मुझे फंसाया गया, तो मैं सभी के नाम का खुलासा करूंगा।” शराब घोटाले की जांच में तेजी, पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भी रडार पर!
सुकमा बंद का ऐलान
कवासी लखमा की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने बस्तर के सुकमा जिले में बंद का ऐलान किया है। यह देखना होगा कि ED की जांच में आगे क्या नए खुलासे होते हैं और किन बड़े नामों को इसमें शामिल किया जाता है। शराब घोटाले की जांच में तेजी, पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार भी रडार पर!