महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं: सबरिया समाज में पड़ी फूट

महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं: सबरिया समाज में पड़ी फूट
महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं, छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में महुआ शराब को लेकर सबरिया (गोंड) समाज में भारी टकराव की स्थिति बन गई है। पुलिस की लगातार कार्रवाई से परेशान समाज दो गुटों में बंट गया है। एक गुट शराब बनाने की परंपरा को जारी रखना चाहता है, जबकि दूसरा गुट कानूनी कार्रवाई के डर से इससे तौबा करना चाहता है, जिसके बाद यह विवाद अब थाने तक पहुंच गया है।
हुक्का-पानी बंद करने की धमकी बनाम जेल का डर
यह पूरा विवाद शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में तब गहराया जब सबरिया समाज की एक बैठक में शराब बनाने के पक्षधर गुट ने एक फरमान जारी कर दिया। उन्होंने धमकी दी कि जो कोई भी शराब बनाना बंद करेगा, उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसका “हुक्का-पानी बंद” कर दिया जाएगा, यानी उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं
इसके जवाब में, दूसरे पक्ष ने साफ कह दिया कि उन्हें यह सजा मंजूर है, लेकिन वे अवैध शराब बनाकर जेल जाने का जोखिम नहीं उठा सकते। अपनी सुरक्षा के लिए इस गुट के लोगों ने शिवरीनारायण थाने में शिकायत दर्ज कराई है।महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं
पुलिस की सख्ती बनी फूट की वजह
जांजगीर-चांपा जिले के कई गांवों में सबरिया समाज की बड़ी आबादी है, जिनका पारंपरिक पेशा पशुपालन के साथ-साथ महुआ शराब बनाना और बेचना रहा है। हाल के दिनों में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। लगातार दबिश और पिछले 15 दिनों में 20 से ज्यादा मामले दर्ज होने से समाज के लोगों में हड़कंप मच गया है। इसी कानूनी शिकंजे ने समाज के भीतर इस फूट को जन्म दिया है।महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं
पुलिस ने दिया शराब का विरोध करने वालों का साथ
देवरी और राहौद गांव के सबरिया समाज के लोगों के बीच यह तनाव सबसे ज्यादा है। मामला थाने पहुंचने के बाद, शिवरीनारायण थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस उन लोगों का समर्थन करेगी जो शराब नहीं बनाना चाहते। उन्होंने शराब बनाने पर अड़े दूसरे पक्ष पर कड़ी नजर रखने और लगातार कार्रवाई करने की बात कही है।महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं
प्रशासन का कड़ा रुख: “अवैध कारोबार पर कार्रवाई जारी रहेगी”
जांजगीर-चांपा के एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस की सख्ती के कारण ही समाज में यह टकराव पैदा हुआ है। उन्होंने कहा, “एक पक्ष शराब का कारोबार बंद नहीं करना चाहता और जुर्माना व सामाजिक बहिष्कार की धमकी दे रहा है। हमारी नजर अवैध शराब बनाने वालों पर है और हम हर दिन बड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।” आंकड़ों के मुताबिक, यह जिला प्रदेश में महुआ शराब की सबसे अधिक खपत वाले क्षेत्रों में से एक है, जहां पिछले चार महीनों में 2200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।महुआ शराब पर छिड़ा घमासान, समाज से बहिष्कार मंजूर लेकिन जेल नहीं



















