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भिलाई

मैत्रीबाग टिकट काउंटर का टेंडर निरस्त, पैसे लेकर फरार हो गई थी पुरानी एजेंसी; अब बदलेंगे नियम

बीएसपी प्रबंधन का बड़ा फैसला: 'पत्रिका' की खबर का असर, सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए रद्द की निविदा; अब ठेकेदार को हर महीने जमा करने होंगे 15 लाख रुपए।

भिलाई : मैत्रीबाग टिकट काउंटर का टेंडर निरस्त, पैसे लेकर फरार हो गई थी पुरानी एजेंसी; अब बदलेंगे नियम. भिलाई स्टील प्लांट (BSP) प्रबंधन ने मैत्रीबाग के टिकट काउंटर को निजी हाथों में सौंपने के लिए जारी की गई निविदा (टेंडर) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रबंधन ने यह कड़ा कदम सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए उठाया है। गौरतलब है कि टिकट काउंटर के लिए तीन एजेंसियों ने टेंडर भरा था, लेकिन पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए प्रबंधन ने प्रक्रिया रोक दी है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
इस टेंडर को रद्द करने के पीछे मुख्य वजह पुरानी ठेका एजेंसी की धोखाधड़ी है। दरअसल, पूर्व में जिस एजेंसी ने टिकट काउंटर का ठेका लिया था, वह मुनाफा कमाने के बाद बीएसपी प्रबंधन की तय राशि जमा किए बिना ही फरार हो गई थी। इस गंभीर मामले को ‘पत्रिका’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का असर यह हुआ कि प्रबंधन ने पुरानी गलतियों को न दोहराते हुए और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए मौजूदा टेंडर प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया। अब नए सिरे से और अधिक सख्त नियमों के साथ निविदा जारी की जाएगी।मैत्रीबाग टिकट काउंटर का टेंडर निरस्त

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अब हर साल जमा करने होंगे 1.8 करोड़ रुपए
बीएसपी प्रबंधन अब नई निविदा प्रक्रिया में नियम और शर्तें सख्त करने जा रहा है:

  • मासिक भुगतान: टिकट काउंटर का ठेका लेने वाली एजेंसी को प्रतिदिन नकद राशि एकत्र करनी होगी। इसके बदले में एजेंसी को हर महीने 15 लाख रुपए बीएसपी प्रबंधन के खाते में जमा कराने होंगे।

  • तिमाही और वार्षिक लक्ष्य: यानी हर तीन महीने में 45 लाख रुपए और साल भर में करीब 1.8 करोड़ रुपए की राशि प्रबंधन को देनी होगी।

  • कर्मचारी की तैनाती: नए सिस्टम के तहत अब गेट पर तैनात बीएसपी के कर्मचारी को भी वहां से हटा लिया जाएगा।

  • अवधि: ठेके की अवधि दो वर्ष के लिए तय की गई है।

निशुल्क प्रवेश से 20 रुपए टिकट तक का सफर
मैत्रीबाग का निर्माण मूल रूप से बीएसपी कर्मचारियों के मनोरंजन के लिए किया गया था और शुरुआत में यहां प्रवेश पूरी तरह निशुल्क था। लेकिन समय के साथ बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन ने टिकट व्यवस्था लागू की। समय-समय पर शुल्क में वृद्धि हुई और वर्तमान में प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क 20 रुपए है।मैत्रीबाग टिकट काउंटर का टेंडर निरस्त

पार्किंग का टेंडर भी कतार में
टिकट काउंटर के अलावा मैत्रीबाग की वाहन पार्किंग का पुराना ठेका भी समाप्त हो चुका है। प्रबंधन ने इसके लिए भी नया टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही पार्किंग आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी।मैत्रीबाग टिकट काउंटर का टेंडर निरस्त

अधिकारी का बयान

“मैत्रीबाग के पार्किंग का ठेका जल्द ही हो जाएगा। इसके साथ ही टिकट काउंटर का ठेका भी नए सिरे से जल्द जारी होने की संभावना है। हम प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर काम कर रहे हैं।”
– डॉ. एनके जैन, प्रभारी, मैत्रीबाग (बीएसपी)

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

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