धान खरीदी में बड़ी धांधली: 124 क्विंटल धान गायब होने पर केंद्र प्रभारी पर FIR दर्ज, कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई

धान खरीदी में बड़ी धांधली: 124 क्विंटल धान गायब होने पर केंद्र प्रभारी पर FIR दर्ज, कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। सिमगा क्षेत्र के मनोहरा धान उपार्जन केंद्र में स्टॉक की भारी कमी पाए जाने के बाद केंद्र प्रभारी के खिलाफ कानूनी गाज गिरी है। भौतिक सत्यापन के दौरान धान के भंडारण में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज करने के आदेश दिए।
कलेक्टर के निर्देश पर सख्त निगरानी और आकस्मिक निरीक्षण
धान खरीदी में बड़ी धांधली: जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और बिचौलियों पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत अधिकारियों की टीम ने मनोहरा उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जब फिजिकल स्टॉक का मिलान किया गया, तो रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में बड़ा अंतर पाया गया।
भौतिक सत्यापन में 313 बोरी धान कम, लाखों का चूना
धान खरीदी में बड़ी धांधली: जांच दल ने पाया कि केंद्र में 124.80 क्विंटल धान (लगभग 313 बोरी) कम है। गायब हुए इस धान की अनुमानित बाजार कीमत 2,95,651 रुपये से अधिक बताई जा रही है। शासन के धान के भंडारण में इस प्रकार की कमी को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया है।
केंद्र प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा के खिलाफ ‘अमानत में खयानत’ का मामला
धान खरीदी में बड़ी धांधली: निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा ने सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में लापरवाही बरतते हुए शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाई है। इसे ‘अमानत में खयानत’ की श्रेणी में रखते हुए उपायुक्त सहकारिता के निर्देश पर हथबंद थाने में मामला दर्ज कराया गया है। प्रभारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (धारा 316, 318) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति
धान खरीदी में बड़ी धांधली: जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से सभी धान खरीदी केंद्रों को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी के कार्यों में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी इसी तरह की कड़ी निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया जारी रहेगी, ताकि किसानों और सरकार के हितों की रक्षा की जा सके।



















