LIVE UPDATE
राजनीतिमहासमुंद

MGNREGA Renaming Controversy: MGNREGA का नाम बदलने पर सियासी घमासान: डॉ. रश्मि चंद्राकर ने केंद्र पर साधा निशाना, बताया ‘ग्रामीण रोजगार की हत्या’

MGNREGA Renaming Controversy: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन – ग्रामीण’ (VB-G-RAM-G) करने के फैसले पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कदम को केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा पर प्रहार बताया है।

सिर्फ नाम बदलना नहीं, योजना को खत्म करने की साजिश?

MGNREGA Renaming Controversy: महासमुंद कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को सुनियोजित तरीके से खत्म करने की कोशिश है। उनके अनुसार, मनरेगा ने ग्रामीणों को ‘काम मांगने का कानूनी अधिकार’ दिया था, जिसे अब कमजोर किया जा रहा है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

गांधी जी के नाम को हटाने पर आपत्ति

MGNREGA Renaming Controversy: डॉ. चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “गांधीवादी मूल्यों के प्रति भाजपा की असहजता इस फैसले से साफ झलकती है। कांग्रेस इस जनकेंद्रित कानून से गांधी जी का नाम मिटाने के प्रयास को कभी स्वीकार नहीं करेगी।”

बजट और फंडिंग के गणित पर उठाए सवाल

MGNREGA Renaming Controversy: नए कानून के तहत कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 करने के दावे को डॉ. रश्मि ने भ्रामक बताया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर चिंता जताई:

  • फंडिंग में कटौती: केंद्र सरकार के हिस्से का धन आवंटन 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।

  • भुगतान में देरी: पिछले कुछ वर्षों से फंड की कमी और भुगतान में देरी से ग्रामीण परेशान हैं।

  • केंद्रीकृत नियंत्रण: नए स्वरूप में सब कुछ केंद्र सरकार तय करेगी, जिससे स्थानीय पंचायतों की शक्ति कम होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुरक्षा कवच है मनरेगा

MGNREGA Renaming Controversy: कांग्रेस नेत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया यह कानून ग्रामीण गरीबों के लिए ‘जीवनरेखा’ साबित हुआ है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान, जब शहर बंद थे, तब इसी योजना ने करोड़ों लोगों को भुखमरी से बचाया और गांवों में रोजगार सुनिश्चित किया।

‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की चेतावनी

MGNREGA Renaming Controversy: डॉ. रश्मि चंद्राकर ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह किसान आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा और तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े, उसी तरह ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ भी सफल होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता अपने अधिकारों के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।

Dr. Tarachand Chandrakar

Editor-in-Chief

डॉ. ताराचंद चंद्राकर एक प्रखर विचारक और अनुभवी पत्रकार हैं, जो 'निडर छत्तीसगढ़' के माध्यम से निष्पक्ष और बेबाक पत्रकारिता को नई दिशा दे रहे हैं। तथ्यों की शुद्धता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें डिजिटल पत्रकारिता में एक विश्वसनीय नाम बनाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE