दुर्गअपराध

कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम: कार्यक्रमों के लिए अब SDM की अनुमति अनिवार्य

दुर्ग में हुई घटना के बाद प्रशासन सख्त, सुरक्षा और नैतिक मूल्यों पर जोर

दुर्ग: कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम: कार्यक्रमों के लिए अब SDM की अनुमति अनिवार्य. भिलाई के शंकराचार्य यूनिवर्सिटी में छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद दुर्ग जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अब शैक्षणिक संस्थानों को किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से पहले अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) से अनुमति लेनी होगी और इसकी सूचना पुलिस को भी देनी होगी।

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कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम: कार्यक्रमों के लिए अब SDM की अनुमति अनिवार्य

बुधवार को यूनिवर्सिटी के वार्षिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन ने 70 से अधिक प्राचार्यों और रजिस्ट्रारों की आपात बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल और अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने की।कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम

अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि, “कार्यक्रमों की पूर्व अनुमति और सूचना से प्रशासन नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेगा। अगले दिनों में इस तरह की बैठकें और निरीक्षण भी किए जाएंगे।”कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • SDM की अनुमति अनिवार्य: अब से सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से पहले SDM से अनुमति लेंगे और उसकी सूचना पुलिस को भी देंगे।

  • सीसीटीवी कैमरे: SSP विजय अग्रवाल ने सभी परिसरों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की निगरानी की जा सके।

  • नैतिक शिक्षा पर जोर: छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने पर भी जोर दिया गया।

  • नशा मुक्ति और अवैध गतिविधियों पर निगरानी: परिसर में नशे से संबंधित गतिविधियों पर सख्ती बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के निर्देश जारी हुए।

  • आपातकालीन संपर्क नंबर: सभी प्राचार्यों को आपातकालीन संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस तक सूचना पहुंचाई जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सभी शैक्षणिक संस्थान जिम्मेदारी से काम करें। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, डीएसपी ट्रैफिक एसएस विंध्यराज सहित जिले के लगभग 70 कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए।कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लिए नए नियम

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