
परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री? आज संसद में पेश होगा ऐतिहासिक बिल, अडानी-अंबानी की भी है नजर. संसद के शीतकालीन सत्र में आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। मोदी सरकार देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। आज लोकसभा और राज्यसभा में परमाणु ऊर्जा (संशोधन) विधेयक पेश किया जाएगा। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो दशकों से चले आ रहे सरकारी एकाधिकार का अंत हो जाएगा और देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों (Private Sector) के लिए दरवाजे खुल जाएंगे।
क्या है परमाणु ऊर्जा संशोधन विधेयक?
मोदी सरकार आज ‘एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल’ को पटल पर रखने जा रही है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मंजूरी देना है। अब तक भारत में परमाणु ऊर्जा का उत्पादन और प्रबंधन पूरी तरह से केंद्र सरकार के नियंत्रण में था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के ऊर्जा सुधारों (Energy Reforms) की दिशा में एक ‘गेमचेंजर’ साबित होगा। कैबिनेट ने इस विधेयक को पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है।परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री?
100 GW बिजली उत्पादन का लक्ष्य
भारत सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश की न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी को बढ़ाकर 100 गीगावाट (GW) तक ले जाया जाए। निजी कंपनियों के आने से निवेश बढ़ेगा और तकनीक में भी तेजी आएगी। यह कदम भारत के ‘नेट जीरो’ (Net Zero) उत्सर्जन लक्ष्य और क्लीन एनर्जी (Clean Energy) के सपने को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री?
अंबानी, अडानी और जिंदल समूह दिखा रहे हैं दिलचस्पी
जैसे ही सरकार ने इस क्षेत्र को निजी हाथों में देने के संकेत दिए, देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों ने इसमें रुचि दिखानी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज, गौतम अडानी का अडानी समूह और जिंदल पावर जैसी दिग्गज कंपनियां परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plants) लगाने की रेस में सबसे आगे हैं। इन कंपनियों का उद्देश्य बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करना और क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करना है।परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री?
सुरक्षा मानकों पर सरकार का क्या है रुख?
परमाणु ऊर्जा एक बेहद संवेदनशील मामला है, जिसे लेकर अक्सर सुरक्षा की चिंताएं जताई जाती रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि निजी कंपनियों को एंट्री मिलने के बावजूद सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी प्रोजेक्ट्स को परमाणु ऊर्जा विभाग के सख्त नियमों का पालन करना होगा और सरकार की निगरानी में ही काम करना होगा।परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री?
संसद में आज और क्या होगा खास?
परमाणु ऊर्जा बिल के अलावा, आज संसद में ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया’ और कॉर्पोरेट बिल पर भी चर्चा होने की संभावना है। वहीं, विपक्ष द्वारा एसआईआर (SIR) और अन्य मुद्दों पर हंगामे के आसार भी बने हुए हैं, जिससे कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।परमाणु ऊर्जा में अब होगी प्राइवेट कंपनियों की एंट्री?



















