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छत्तीसगढ़ में अब सीधे सील नहीं होंगे नर्सिंग होम और क्लीनिक, हाईकोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश, 30 दिन का नोटिस अनिवार्य

छत्तीसगढ़ में अब सीधे सील नहीं होंगे नर्सिंग होम और क्लीनिक, हाईकोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश, 30 दिन का नोटिस अनिवार्य

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में अब सीधे सील नहीं होंगे नर्सिंग होम और क्लीनिक, हाईकोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश, छत्तीसगढ़ में संचालित हजारों नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला आदेश जारी किया है। अब स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन किसी भी चिकित्सा संस्थान को सीधे सील नहीं कर सकेगा। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी नर्सिंग होम या क्लीनिक को सील करने या उसका लाइसेंस निलंबित करने से पहले संबंधित संस्थान को 30 दिनों का नोटिस देना अनिवार्य होगा।

क्यों आया यह महत्वपूर्ण फैसला? जानें पूरा मामला

हाईकोर्ट का यह बड़ा आदेश महासमुंद जिले के सरायपाली में स्थित ‘मातृ केयर नर्सिंग होम’ से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान आया। मामला इस प्रकार है:

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  • सरायपाली निवासी प्रशांत कुमार साहू ने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर, 2024 को मातृ केयर नर्सिंग होम में डॉ. शिबाशीष बेहरा द्वारा किए गए ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनकी पत्नी स्थायी रूप से विकलांग हो गई।

  • प्रशांत साहू की लिखित शिकायत पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), महासमुंद ने एक जांच टीम का गठन किया।

  • जांच के बाद, प्रशासन ने बिना पर्याप्त समय दिए सीधे नर्सिंग होम को सील कर दिया था।

हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश: प्रक्रिया का पालन जरूरी

अस्पताल संचालक डॉ. शिबाशीष बेहरा ने प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ने कहा कि किसी भी संस्थान पर कार्रवाई करने से पहले एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। कोर्ट ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए:

  • 30 दिन का नोटिस: किसी भी नर्सिंग होम या क्लीनिक को बंद या सील करने से पहले, संबंधित अधिकारी को 30 दिन का एक लिखित नोटिस जारी करना होगा।

  • कारण बताना अनिवार्य: इस नोटिस में कार्रवाई का कारण स्पष्ट रूप से बताना होगा, ताकि संस्थान को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिल सके।

  • लाइसेंस निरस्तीकरण पर भी लागू: यह नियम सिर्फ सीलिंग पर ही नहीं, बल्कि लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की प्रक्रिया पर भी समान रूप से लागू होगा।

इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने फिलहाल ‘मातृ केयर नर्सिंग होम’ को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी है। साथ ही, कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर जवाब भी मांगा है।छत्तीसगढ़ में अब सीधे सील नहीं होंगे नर्सिंग होम और क्लीनिक, हाईकोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश

प्रदेश के सभी चिकित्सा संस्थानों पर होगा लागू

हाईकोर्ट का यह फैसला केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर बन गया है। अब राज्य के किसी भी हिस्से में प्रशासन को नर्सिंग होम या क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। इस फैसले से चिकित्सा संचालकों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें अक्सर बिना सुनवाई का मौका दिए कार्रवाई का सामना करना पड़ता था।छत्तीसगढ़ में अब सीधे सील नहीं होंगे नर्सिंग होम और क्लीनिक, हाईकोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश

Nidar Chhattisgarh Desk

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