
की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट का खुलासा किया है। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस साइबर फ्रॉड गैंग का मास्टरमाइंड केवल 12वीं पास हैकर धर्मजीत सिंह है, जिसने फर्जी APK फाइलें बनाकर लोगों के मोबाइल हैक किए और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सरकारी विभागों के नाम पर बनाते थे फर्जी APK फाइल
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह RTO चालान, PM किसान योजना, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग सेवाओं, कस्टमर सपोर्ट, फास्टैग और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम से APK फाइल तैयार करता था।
पीड़ितों को ये फाइलें व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए भेजी जाती थीं। जैसे ही कोई व्यक्ति फाइल पर क्लिक करता, उसका मोबाइल पूरी तरह हैक हो जाता और बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती।12वीं पास हैकर मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार, APK फाइल से हैक करते थे मोबाइल
17 लाख से ज्यादा की ठगी का खुलासा
रायपुर पुलिस के अनुसार,
अर्चना भदौरिया को RTO चालान APK,
और महेश कुमार साहू को PM किसान APK भेजी गई।
क्लिक करते ही दोनों के फोन हैक हुए और कुल 17 लाख 12 हजार रुपये की ठगी हुई।
टिकरापारा और राखी थाने में केस दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की।
महाराष्ट्र के पुणे से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
जांच में पुलिस को महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोनेवाला निवासी धर्मजीत सिंह का पता चला।
धर्मजीत केवल 12वीं पास है, लेकिन तकनीकी रूप से काफी सक्षम है और लंबे समय से हैकिंग गतिविधियों में सक्रिय है।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।12वीं पास हैकर मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार, APK फाइल से हैक करते थे मोबाइल
गिरोह कैसे करता था ठगी?
1. टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर जोड़ते थे लोग
धर्मजीत इन ग्रुपों में लोगों को जोड़ता था और फर्जी APK फाइलें भेजता था।
2. फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल हो जाता था हैक
पीड़ित का फोन हैक होने के बाद गिरोह को मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल जाता था—
जिसमें बैंकिंग ऐप, OTP, पासवर्ड और अन्य जानकारी शामिल होती थी।
3. बैंक खातों से उड़ाते थे पैसे
धर्मजीत मोबाइल से बैंकिंग डिटेल निकालता था।
सौरभ कुमार और आलोक मोबाइल हैक कर ठगी की राशि म्यूल खातों में ट्रांसफर करते थे।
चांद मोहम्मद राशि इरफान अंसारी को भेजता था।
इरफान एटीएम से पैसे निकालकर गिरोह तक पहुंचाता था।
गिरफ्तार आरोपी
धर्मजीत सिंह – मास्टरमाइंड
सौरभ कुमार
आलोक कुमार
चांद बाबू
मोहम्मद इरफान अंसारी
मारुफ सिद्दकी
सभी आरोपी 12वीं पास हैं और साइबर अपराध को आसान कमाई का जरिया समझकर इसमें शामिल हुए थे।
APK फाइल क्या होती है?
APK फाइल एंड्रॉयड फोन में इंस्टॉल होने वाला ऐप फॉर्मेट होता है।
गिरोह इन्हीं फाइलों का दुरुपयोग करके फोन में मैलवेयर इंस्टॉल कर देता था।
❗ पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध APK फाइल पर क्लिक न करें।
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी करने वाले गैंग पर बड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस का कहना है कि लोगों को साइबर जागरूक होना जरूरी है ताकि वे ऐसे जाल में न फंसें।12वीं पास हैकर मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार, APK फाइल से हैक करते थे मोबाइल



















