
सरगुजा: अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ठंडी आबोहवा के लिए ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट में लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामले में, अवैध रूप से नीलगिरी के पेड़ों की कटाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है, बल्कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।
अवैध कटाई और बड़ा हादसा: सड़क बाधित और बिजली आपूर्ति ठप
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:मैनपाट के ग्राम वंदना ऊपरपारा में तस्करों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के विशाल नीलगिरी के पेड़ों की कटाई की जा रही थी। कटाई के दौरान एक विशाल पेड़ सीधे बिजली की लाइनों पर जा गिरा। इस हादसे में तीन बिजली के खंभे पूरी तरह टूट गए और सात प्रमुख तार क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ और खंभे सड़क पर गिरने की वजह से मैनपाट-वंदना मार्ग करीब आधे घंटे तक बाधित रहा। बाद में तस्करों ने आनन-फानन में हाइड्रा मशीन बुलाकर रास्ता साफ कराया।
तस्करों के निशाने पर मैनपाट की हरियाली: यूपी कनेक्शन का खुलासा
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:सूत्रों के मुताबिक, मैनपाट की बेशकीमती इमारती लकड़ियों पर अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह की पैनी नजर है। उत्तर प्रदेश और स्थानीय तस्करों की मिलीभगत से भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर हर दिन हरे-भरे पेड़ों की बलि दी जा रही है। बताया जा रहा है कि स्थानीय तस्कर ग्रामीणों से बेहद कम दाम में लकड़ी खरीदकर उसे उत्तर प्रदेश की मंडियों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का मजाक: प्रशासन पर उठते सवाल
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:एक तरफ सरकार ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर तस्करों और रसूखदारों की जुगलबंदी इन प्रयासों को ठेंगा दिखा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे हर रोज ट्रकों में भरकर लकड़ी बाहर भेजी जा रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
करोड़ों का अवैध कारोबार और अधिकारियों की चुप्पी
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:सूत्र बताते हैं कि मैनपाट और आसपास के इलाकों में लगभग 200 से अधिक सक्रिय तस्कर बिना किसी डर के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे रहते हैं। जब मामला ज्यादा बिगड़ता है, तब केवल कागजी कार्रवाई कर तस्करों को छोड़ दिया जाता है।
प्रशासन का कड़ा रुख: एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीएम राम सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि वंदना ग्राम में पेड़ों की कटाई के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और अवैध कटाई के जुर्म में दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ मैनपाट में लकड़ी तस्करों का तांडव:वहीं, बिजली विभाग के जेई दीपक निकुंज ने तस्करों के उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि विभाग को सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह काम किया गया, जिससे विभाग को भारी क्षति हुई है और इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।



















