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धान का कटोरा बालोद: बारिश 78%, पर धान की बोनी 95% पूरी, जानिए किसानों को और क्या मिल रही मदद

धान का कटोरा बालोद: बारिश 78%, पर धान की बोनी 95% पूरी, जानिए किसानों को और क्या मिल रही मदद

धान का कटोरा बालोद: बारिश 78%, पर धान की बोनी 95% पूरी, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से किसानों के लिए एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। मानसून की बारिश पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम होने के बावजूद, जिले के मेहनती किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई का 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। प्रशासन भी किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण से लेकर खाद-बीज तक मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

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आंकड़ों में बालोद की खेती: अब तक क्या-क्या हुआ?

जिले के उप संचालक कृषि द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बालोद में खेती-किसानी का काम तेज गति से चल रहा है।

  • कुल बारिश: जिले में अब तक 568.20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष हुई 722.90 मिमी की तुलना में 78 प्रतिशत है।

  • बुवाई का लक्ष्य: इस खरीफ सीजन में 1,80,215 हेक्टेयर में फसल लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • अब तक बुवाई: अब तक 1,71,966 हेक्टेयर में बोनी का काम पूरा हो चुका है, जो लक्ष्य का 95% है।

  • प्रमुख फसलें: इसमें मुख्य रूप से 1,70,595 हेक्टेयर में धान (बोता और रोपा मिलाकर) लगाया गया है। इसके अलावा मक्का, कोदो, अरहर, उड़द और सब्जियां भी लगाई गई हैं।

किसानों की चिंता खत्म! खाद-बीज की नहीं है कमी, 91% उर्वरक बंटा

प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को खेती के लिए जरूरी चीजें समय पर मिलें।

  • ब्याज मुक्त ऋण: सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण दिया जा रहा है।

  • उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक: समितियों में कुल 38,761 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया था, जिसमें से अब तक 35,505 मीट्रिक टन (91%) उर्वरक किसानों को बांटा जा चुका है।

  • DAP का विकल्प: DAP की मांग को देखते हुए, किसानों को उसके वैकल्पिक उर्वरक जैसे SSP और NPK भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि फसलों को जरूरी पोषण मिलता रहे।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, अमानक मिलने पर होगी कार्रवाई

किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए विभाग सख्त कदम उठा रहा है। बीज और उर्वरकों के नमूने लगातार जांच के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। यदि कोई भी नमूना अमानक (घटिया क्वालिटी का) पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता या कंपनी के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।धान का कटोरा बालोद: बारिश 78%, पर धान की बोनी 95% पूरी

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