Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में भारी हंगामा: पैसों के चक्कर में उखड़ने लगा था पंडाल, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवमहापुराण कथा विवादों के घेरे में आ गई है। नगपुरा में चल रही इस कथा में उस समय हड़कंप मच गया जब पैसों के लेनदेन को लेकर आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच ठन गई। नौबत यहाँ तक आ गई कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद टेंट उखाड़ने की कोशिश की गई।
आखिर क्यों हुआ विवाद? टेंट संचालक ने उठाए सवाल
Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: दुर्ग के ग्राम नगपुरा में 17 से 21 दिसंबर तक भव्य शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच पिछले कुछ दिनों से भुगतान (Payment) को लेकर खींचतान चल रही थी। टेंट संचालक का आरोप है कि तय समय पर उन्हें पूरा पैसा नहीं दिया गया, जिससे उन्हें मजदूरों और ट्रांसपोर्ट का भुगतान करने में भारी परेशानी हो रही है।
आधी रात को हंगामा और डोम उखाड़ने की कोशिश
Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: विवाद की शुरुआत शुक्रवार रात को हुई जब टेंट उखाड़ने की बात सामने आई। शनिवार सुबह स्थिति और भी गंभीर हो गई जब टेंट हाउस के कर्मचारी डोम उखाड़ने के लिए पहुंच गए। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच टेंट हटाने की कोशिश से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को भी इसी बात पर विवाद हुआ था, जिसे जैसे-तैसे शांत कराया गया था।
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस तुरंत एक्शन में आई। एएसपी पद्मश्री और हेम प्रकाश नायक ने मौके पर मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने टेंट उखाड़ने की प्रक्रिया को तुरंत रुकवा दिया। पुलिस का तर्क था कि कथा के दौरान टेंट हटाने से भगदड़ (Stampede) जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे जनहानि का खतरा है। पुलिस की कड़ी समझाइश के बाद फिलहाल कथा सुचारू रूप से जारी है।
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा का सवाल
Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में रोजाना हजारों-लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में आयोजन समिति और वेंडर्स के बीच इस तरह का विवाद सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को सुलझाने के निर्देश दिए हैं और साफ कर दिया है कि कथा की समाप्ति तक पंडाल में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
Pandit Pradeep Mishra Katha Controversy: भले ही आर्थिक विवाद के कारण कथा के आयोजन में खलल पड़ा, लेकिन पुलिस की तत्परता ने एक बड़े हादसे को होने से बचा लिया। अब श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि आगामी दिनों की कथा बिना किसी बाधा के संपन्न होगी।









