Patan Ration Distribution Issue: Ration Scam या लापरवाही? पाटन के 3 गांवों में जनवरी का चावल-शक्कर ‘गायब’, परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

Patan Ration Distribution Issue: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अकतई, चारभाटा और रीवागहन ग्राम पंचायतों में जनवरी माह का सरकारी राशन (Ration) अब तक नहीं बंट सका है। फरवरी का महीना शुरू होने वाला है, लेकिन 150 से अधिक गरीब परिवारों को अब तक चावल और शक्कर के लिए तरसना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला? (The Ration Crisis)
Patan Ration Distribution Issue: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी नियमों के मुताबिक जनवरी महीने का कोटा आवंटित (Allocate) हो चुका है, लेकिन जब वे उचित मूल्य दुकान (Fair Price Shop) पर राशन लेने जा रहे हैं, तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटाया जा रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि कई जरूरतमंद परिवारों के पास अब खाने का संकट खड़ा हो गया है।
सरपंच ने खोला मोर्चा: कलेक्टर को लिखा पत्र
Patan Ration Distribution Issue: मामला बढ़ता देख संबंधित ग्राम पंचायत की सरपंच ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कलेक्टर दुर्ग (Collector Durg) को पत्र लिखकर इस गंभीर लापरवाही की शिकायत की है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि शासन द्वारा राशन का आवंटन होने के बावजूद हितग्राहियों (Beneficiaries) को वितरण (Distribution) क्यों नहीं किया गया?
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल (Questions on Food Department)
Patan Ration Distribution Issue: इस पूरे घटनाक्रम में खाद्य विभाग (Food Department) के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है:
कई बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उचित मूल्य दुकान संचालक और विभागीय अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।
आखिर आवंटित किया गया चावल और शक्कर ‘गायब’ कहाँ हो गया?
क्या यह किसी बड़े घोटाले का संकेत है?
Patan Ration Distribution Issue: अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि राशन गोदाम से निकला है, तो वह जनता तक क्यों नहीं पहुँचा? क्या राशन की कालाबाजारी (Black Marketing) की जा रही है या यह सिस्टम की कोई बड़ी तकनीकी खामी है?
Patan Ration Distribution Issue: ग्रामीणों और सरपंच ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच (High-level inquiry) की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए।



















