PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक, सूरजपुर में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरकर रोका रास्ता

PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक, सूरजपुर में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरकर रोका रास्ता
सूरजपुर : PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक, छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) का हाल बेहाल है। एक तो घटिया निर्माण के कारण सड़कें साल भर में ही दम तोड़ रही हैं, ऊपर से बॉक्साइट से भरे ओवरलोड ट्रक इन सड़कों का सीना चीर रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी से तंग आकर अब ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है और इन ओवरलोड ट्रकों का रास्ता रोक दिया है।
12 टन की सड़क पर 25 टन का सितम, साल भर में ही सड़क बनी खंडहर

यह पूरा मामला सूरजपुर जिले के बरबसपुर-गोपालपुर मार्ग का है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क का निर्माण गाँवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए किया गया था और इसकी भार क्षमता महज 12 टन है। लेकिन कुसमी-सामरी क्षेत्र से बॉक्साइट भरकर आने वाले ट्रक इस पर 20 से 25 टन तक का वजन लेकर गुजरते हैं। इस बेहिसाब ओवरलोडिंग के कारण साल भर पहले बनी यह सड़क अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह से उखड़ गई है, जिससे ग्रामीणों का चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है।PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक
जब सब्र का बांध टूटा, ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

रोज-रोज की इस परेशानी और सड़क की दुर्दशा को देखकर ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने बरबसपुर-गोपालपुर मार्ग पर इन ओवरलोड ट्रकों को रोक लिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ट्रक ड्राइवरों को बताया कि यह बॉक्साइट से भरे ट्रक गलत रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ट्रकों को दरअसल राजपुर-बनारस मार्ग से होते हुए उत्तर प्रदेश के रेणुकूट जाना चाहिए, लेकिन वे शॉर्टकट के चक्कर में इस ग्रामीण सड़क को बर्बाद कर रहे हैं।PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक
काफी देर तक चले हंगामे के बाद, ग्रामीणों ने अपनी एकता दिखाते हुए सभी ट्रकों को वापस उनके सही रूट (राजपुर-बनारस मार्ग) पर भेज दिया और चेतावनी दी कि भविष्य में अगर वे इस सड़क पर दिखे तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक
भ्रष्टाचार की नींव पर बनी सड़क, कौन है जिम्मेदार?

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण यह एक साल भी नहीं टिक पाई। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इन ओवरलोड ट्रकों के परिवहन की अनुमति कौन दे रहा है? परिवहन विभाग और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध परिवहन पर लगाम क्यों नहीं कसी जा रही? इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।PM सड़कों का सीना चीर रहे 25-25 टन के ओवरलोड ट्रक








