Pre-wedding Shoot Ban: छत्तीसगढ़ के साहू समाज का बड़ा फैसला, अब नहीं होगी ‘दिखावे’ वाली फोटोग्राफी, ये है बड़ी वजह!

Pre-wedding Shoot Ban:Ban on Pre-wedding Shoots: शादियों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ (Chhattisgarh Pradesh Sahu Sangh) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। समाज की एक अहम बैठक में सर्वसम्मति से ऐलान किया गया है कि अब साहू समाज में प्री-वेडिंग शूट (Pre-wedding shoot) पूरी तरह से बंद रहेगा।
Pre-wedding Shoot Ban:समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि ऐसी परंपराएं हमारी मूल संस्कृति और संस्कारों को नुकसान पहुंचा रही हैं। आइए जानते हैं इस बड़े फैसले के पीछे की पूरी कहानी।
क्यों लगाया गया प्री-वेडिंग शूट पर बैन?
Pre-wedding Shoot Ban:शनिवार को समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश भर के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में इस बात पर गंभीर मंथन किया गया कि आज की शादियां संस्कारों से ज्यादा ‘दिखावे’ (Show-off) का केंद्र बनती जा रही हैं।
फिजूलखर्ची पर लगाम: प्री-वेडिंग शूट के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसे समाज ने ‘फिजूलखर्ची’ माना है।
संस्कारों का क्षरण: समाज का कहना है कि ऐसी आधुनिक परंपराएं भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं।
दिखावे की प्रवृत्ति: बढ़ती दिखावे की होड़ को खत्म करने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है।
अंतरजातीय विवाह और बढ़ते तलाक पर भी चिंता
Pre-wedding Shoot Ban:बैठक में केवल प्री-वेडिंग शूट ही नहीं, बल्कि समाज की मजबूती के लिए कई और बड़े फैसले लिए गए:
Family Counseling: समाज ने बढ़ते तलाक (Divorce) के मामलों पर चिंता जाहिर की। पदाधिकारियों का मानना है कि अंतरजातीय विवाह (Inter-caste marriage) की वजह से तालमेल में कमी आ रही है, जिसे रोकने के लिए अब पारिवारिक काउंसलिंग की जाएगी।
संस्कार शिविर: युवाओं और बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़े रखने के लिए ‘संस्कार शिविर’ आयोजित किए जाएंगे।
अनुशासन और एकता: साहू समाज ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो परंपराएं समाज को कमजोर करेंगी, उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
Pre-wedding Shoot Ban:इस ऐतिहासिक फैसले के दौरान समाज के कई दिग्गज नेता मौजूद थे, जिनमें संयुक्त सचिव प्रदीप साहू, डॉ. तिलक साहू, सत्यप्रकाश साहू, साधना साहू और रायपुर शहर व ग्रामीण के जिला अध्यक्ष शामिल थे।
Expert Insight: सोशल मीडिया के दौर में प्री-वेडिंग शूट एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन साहू समाज के इस फैसले ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या सादगी ही हमारी असली पहचान होनी चाहिए?



















