आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: जेलेंस्की-ट्रंप की मुलाकात से पहले यूक्रेन को दी आखिरी चेतावनी

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War): आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: जेलेंस्की-ट्रंप की मुलाकात से पहले यूक्रेन को दी आखिरी चेतावनी. दुनिया की नजरें आज अमेरिका के फ्लोरिडा पर टिकी हैं, जहाँ यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद अहम मुलाकात होने जा रही है। लेकिन इस मुलाकात से ठीक पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेना की वर्दी पहनकर दुनिया को अपनी सख्त मंशा जाहिर कर दी है। पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि शांति वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराया गया, तो इसके अंजाम बेहद भयानक होंगे।
पुतिन की सीधी धमकी: ‘कूटनीति नहीं तो सैन्य शक्ति’
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” If Kiev does not want peace, Russia will achieve all Special Military Operation goals by MILITARY means” pic.twitter.com/CCMLzoA1GB
— Megatron (@Megatron_ron) December 27, 2025
आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। सैन्य वर्दी में नजर आए पुतिन ने कहा कि रूस अपने ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ के लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकला, तो रूस अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर निर्णायक जंग लड़ेगा। पुतिन का यह बयान उस समय आया है जब रूस ने कीव पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।
ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात पर टिकी दुनिया की निगाहें
आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: जेलेंस्की और ट्रंप की फ्लोरिडा में होने वाली यह बैठक युद्ध की दिशा बदल सकती है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के मुताबिक, मॉस्को इस संघर्ष को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने का इच्छुक है, लेकिन कीव की ओर से इसमें देरी की जा रही है। पुतिन का मानना है कि यूक्रेन जानबूझकर शांति प्रक्रिया को लंबा खींच रहा है।
डोनबास पर पूर्ण नियंत्रण: रूस की सबसे बड़ी शर्त
आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: शांति वार्ता की मेज पर रूस का सबसे बड़ा एजेंडा ‘डोनबास’ क्षेत्र है। खनिज संपदा से भरपूर और रूसी भाषी आबादी वाले इस इलाके के लगभग 90 फीसदी हिस्से पर वर्तमान में रूस का कब्जा है। पुतिन की स्पष्ट शर्त है कि यूक्रेन को डोनबास के शेष हिस्सों से भी अपनी सेना को पूरी तरह पीछे हटाना होगा, तभी युद्धविराम संभव है।
जेलेंस्की का संकल्प: ‘शांति के लिए हर दिन जरूरी’
आर्मी की वर्दी में पुतिन का रौद्र रूप: दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने लिखा कि शांति बहाली के प्रयासों में एक भी दिन जाया नहीं किया जा सकता। जेलेंस्की ने कहा, “हम शांति के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, और इसीलिए हमने अमेरिका के साथ सर्वोच्च स्तर पर वार्ता करने का फैसला लिया है।” उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप के साथ होने वाली इस बैठक में कोई बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया जा सकता है।









