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रायपुर

Raipur Child Labor Rescue: 7 नाबालिग बच्चों का Factories से Rescue, पुलिस ने 4 बड़े मालिकों पर की FIR

Raipur Child Labor Rescue:  Raipur Police and NGO rescued 7 minor children from factories in Urla and Siltara. FIR filed against 4 companies including Sony Plywood and Indrakshi Poly Plaster.

Raipur Child Labor Rescue: राजधानी रायपुर के इंडस्ट्रियल इलाकों में पुलिस और NGO की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों में चल रहे Child Labor (बाल श्रम) के काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 7 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें खतरनाक मशीनों और रसायनों के बीच काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

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इन 4 बड़ी कंपनियों पर गिरी गाज (Targeted Industries)

Raipur Child Labor Rescue: पुलिस ने जिन संस्थानों पर रेड मारी, उनमें शहर के नामी कारोबारी और प्लांट्स शामिल हैं। इनके खिलाफ Child Labour Prohibition Act के तहत केस दर्ज किया गया है:

  1. Sony Plywood Industry (सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री)

  2. Shamrock Overseas Private Limited (शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड)

  3. Indrakshi Poly Plaster LLP Plant (इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट)

  4. Sun Logistic & Distributor (सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर)

पुलिस ने कंपनी संचालकों के साथ-साथ उस ठेकेदार (Contractor) पर भी FIR दर्ज की है, जो इन मासूमों को काम पर लगाता था।

Welding और Loading जैसे जानलेवा काम कर रहे थे मासूम

Raipur Child Labor Rescue: Association for Voluntary Action (AVA) के रायपुर कोऑर्डिनेटर विपिन ठाकुर ने बताया कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फैक्ट्रियों में बच्चों से बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है।

जब पुलिस और NGO की टीम ने रेड मारी, तो मंजर देख सब दंग रह गए। छोटे-छोटे बच्चे Welding, Heavy Loading और Packing जैसे कठिन और जोखिम भरे काम कर रहे थे। ये काम न केवल उनकी उम्र के खिलाफ थे, बल्कि उनकी जान के लिए भी खतरनाक थे।

Medical Checkup के बाद भेजे गए ‘बाल गृह’

Raipur Child Labor Rescue: रेस्क्यू किए गए सातों बच्चों का सबसे पहले Medical Examination कराया गया। इसके बाद उन्हें Child Welfare Committee (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल, सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उन्हें Child Care Home (बाल गृह) भेज दिया गया है, जहां उनकी Counseling की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के पेरेंट्स से संपर्क कर उन्हें घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Mojo Mushroom Factory कांड की यादें हुई ताजा

Raipur Child Labor Rescue: रायपुर में बाल मजदूरी का यह कोई पहला बड़ा मामला नहीं है। करीब 5 महीने पहले भी खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री (Mojo Mushroom Factory) से 109 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। उस समय 68 लड़कियां और 41 लड़कों को मुक्त कराया गया था। हालांकि, एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि इतने बड़े मामले में भी अब तक वैसी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जैसी होनी चाहिए थी।

Dr. Tarachand Chandrakar

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