Raipur Cycling News: CG News: रायपुर के जांबाज सुरेश दुआ ने रचा इतिहास, 1200 KM की साइकिलिंग चुनौती महज 79 घंटों में की फतह!

Raipur Cycling News: CG News: रायपुर के जांबाज सुरेश दुआ ने रचा इतिहास, 1200 KM की साइकिलिंग चुनौती महज 79 घंटों में की फतह!, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक होनहार साइकिलिस्ट ने अपनी मेहनत और जज्बे से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। एनआईटी (NIT) रायपुर के ग्रेजुएट सुरेश दुआ ने 1200 किलोमीटर की लंबी दूरी को रिकॉर्ड समय में पूरा कर सबको हैरान कर दिया है।
LRM 1200: समय से 11 घंटे पहले पूरी की रेस
Raipur Cycling News:रायपुर रैंडोन्यूर्स द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित ‘LRM 1200’ साइकिलिंग इवेंट की शुरुआत 25 दिसंबर को हुई थी। इस चुनौतीपूर्ण रेस को पूरा करने के लिए आधिकारिक तौर पर 90 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन सुरेश दुआ ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इसे मात्र 78 घंटे और 58 मिनट में ही सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया।
4 राज्यों की सीमाओं को छूती 4 दिनों की कठिन यात्रा
इस इवेंट में सुरेश दुआ एकमात्र प्रतिभागी थे और उन्होंने चार दिनों तक लगातार पैडल मारकर इस लक्ष्य को हासिल किया। उनकी यात्रा का ब्योरा कुछ इस प्रकार रहा:
पहला दिन: रायपुर से देवरी (महाराष्ट्र) तक 350 किमी का सफर।
दूसरा दिन: रायपुर से सोहेला (ओडिशा) तक 380 किमी की दूरी।
तीसरा दिन: रायपुर से कांकेर तक 300 किमी का सफर।
चौथा दिन: रायपुर से गरियाबंद तक 170 किमी की साइकिलिंग।
कौन हैं सुरेश दुआ? सफलताओं का शानदार सफर
Raipur Cycling News:सुरेश दुआ सिर्फ एक साइकिलिस्ट नहीं, बल्कि फिटनेस के प्रति जुनून रखने वाले एक प्रेरणापुंज हैं। उन्होंने साल 2025 में अब तक 4 बार ‘सुपर रैंडोन्यूर्स’ (Super Randonneur) का खिताब अपने नाम किया है। उनकी अन्य बड़ी उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
उन्होंने महज 6 दिनों के भीतर एक सुपर रैंडोन्यूर्स टाइटल हासिल किया।
इसी साल जुलाई में उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास ‘उमलिंगला’ (लेह) तक साइकिल चलाकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया।
साल 2025 में वे अब तक 16,728 किलोमीटर साइकिल चला चुके हैं।
उनके जीवन का कुल साइकिलिंग रिकॉर्ड 85,241 किलोमीटर तक पहुंच गया है।
क्या होती है ‘रैंडोन्यूरिंग’ और ‘ब्रेवेट्स’?
Raipur Cycling News:साइकिलिंग की दुनिया में ‘रैंडोन्यूर’ उन लंबी दूरी के साइकिल चालकों को कहा जाता है जो निर्धारित समय सीमा में 200, 300, 400, 600 या 1200 किमी जैसी चुनौतीपूर्ण दूरियां तय करते हैं। इन स्पर्धाओं को ‘ब्रेवेट्स’ कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिस्पर्धा से ज्यादा खुद की शारीरिक और मानसिक सीमाओं को परखना होता है।
Raipur Cycling News:सुरेश दुआ की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के साइकिलिंग जगत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।



















