रायपुर: कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअप, पंडरी जिला अस्पताल में भी शुरू होंगी प्रसव सुविधाएं

रायपुर: रायपुर: कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअप, पंडरी जिला अस्पताल में भी शुरू होंगी प्रसव सुविधाएं, राजधानी रायपुर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। आने वाले समय में कालीबाड़ी स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (MCH) का प्रबंधन और स्टाफ जिला अस्पताल (पंडरी) से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। इस स्वतंत्र सेटअप के लागू होने से न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
स्वतंत्र सेटअप से स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार
कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअपवर्तमान में कालीबाड़ी का मातृ एवं शिशु अस्पताल, पंडरी स्थित जिला अस्पताल के सेटअप के अंतर्गत संचालित होता है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति जिला अस्पताल के माध्यम से की जाती है। जिला स्वास्थ्य कार्यालय ने अब एमसीएच (MCH) के लिए अलग बजट, मानव संसाधन (HR) और उपकरणों का प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य संचालनालय को भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कालीबाड़ी अस्पताल एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करेगा।
पंडरी जिला अस्पताल में भी शुरू होगी डिलीवरी की सुविधा
कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअपइस पृथक सेटअप का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पंडरी स्थित जिला अस्पताल में भी गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव (डिलीवरी) की सुविधा फिर से शुरू की जा सकेगी। अभी मुख्य रूप से प्रसव सेवाएं कालीबाड़ी में केंद्रित हैं। इसके साथ ही, सेटअप अलग होने के बाद कालीबाड़ी अस्पताल में बाल्य रोग विभाग (Pediatrics Department) भी पूरी तरह से संचालित होगा, जो वर्तमान में पंडरी अस्पताल में चल रहा है।
अंबेडकर अस्पताल के बाद कालीबाड़ी में सर्वाधिक प्रसव
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो राजधानी में मेकाहारा (अंबेडकर अस्पताल) के बाद सबसे ज्यादा डिलीवरी कालीबाड़ी अस्पताल में ही होती है। यहां की ओपीडी (OPD) भी पंडरी जिला अस्पताल की तरह रोजाना 250 से 300 के करीब पहुंचती है। 2018-19 में जब जिला अस्पताल वापस पंडरी शिफ्ट हुआ, तब से कालीबाड़ी के भवन को विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए समर्पित कर दिया गया था।
रायपुर जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार
कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअपरायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए सरोना और नवा रायपुर के राखी गांव में भी 100-100 बिस्तरों वाले नए अस्पतालों को मंजूरी मिल चुकी है।
सरोना: यहां अस्पताल निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।
राखी (नवा रायपुर): जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इसके अलावा, जिले के विभिन्न ब्लॉकों में 50 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा पहुंच बढ़ाई जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
कालीबाड़ी मातृ एवं शिशु अस्पताल को मिलेगा स्वतंत्र सेटअपरायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथिलेश चौधरी के अनुसार, “मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के स्वतंत्र सेटअप के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अलग सेटअप होने से संसाधनों का प्रबंधन बेहतर होगा और मरीजों को सुगमता से इलाज मिल सकेगा। अब संचालनालय स्तर पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।”



















