
Raipur Police News: राज्य में अपराधों पर लगाम लगाने के लिए Chhattisgarh Police अब और भी ज्यादा ‘Hi-tech’ होने जा रही है। पुलिस अब वारदात वाली जगह (Crime Scene) से वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) जुटाने पर ज्यादा जोर देगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय (PHQ) 504 आधुनिक फिंगरप्रिंट किट की खरीदी कर रहा है।
Raipur Police News: इस नई तकनीक के आने के बाद, पुलिस को किसी भी अपराधी का पूरा रिकॉर्ड महज एक क्लिक में मिल जाएगा। इससे न सिर्फ नए अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि दोबारा अपराध करने वालों की पहचान भी तुरंत हो जाएगी।
क्या-क्या होगा इस Modern Fingerprint Kit में?
Raipur Police News: पुलिस द्वारा खरीदी जा रही इस किट में वर्ल्ड-क्लास इन्वेस्टिगेशन टूल्स शामिल होंगे:
Fingerprint Powder: सिल्वर/ग्रे और काला पाउडर।
Marabu Feather Brush: प्लास्टिक हैंडल वाला खास ब्रश।
Hand Magnifying Lens: बारीकियों को देखने के लिए।
Lifting Tape & Cards: फिंगरप्रिंट को सुरक्षित उठाने के लिए।
Rechargeable LED Torch: अंधेरे में सबूत ढूंढने के लिए।
Steel Blade Scissors & Cotton Gloves: हाइजीन और सुरक्षा के लिए।
Nylon/Polyester Bags: कलेक्ट किए गए सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए।
UP और Haryana की तर्ज पर तैयारी
Raipur Police News: आपको बता दें कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, अन्य राज्य भी इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं:
UP Police: ‘यक्ष’ (Yaksh) नाम के ऐप के जरिए 50 हजार से ज्यादा आरोपियों का फोटो, वॉइस सैंपल और फिंगरप्रिंट लेकर एक Unique ID तैयार कर रही है।
Haryana Police: अपराधियों के डीएनए (DNA) और रेटिना स्कैन की योजना पर काम कर रही है ताकि उनकी पहचान ‘अचूक’ हो सके।
अपराधियों को पकड़ने के 5 Advance तरीके
Raipur Police News: पुलिस अब घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए इन 5 तरीकों का इस्तेमाल करेगी:
Powder Method: पाउडर की मदद से छिपे हुए निशानों को उभारना।
Chemical Method: निन्हाइड्रिन या सिल्वर नाइट्रेट जैसे केमिकल्स का उपयोग।
Laser Method: लेजर लाइट के जरिए बारीकी से जांच।
Fingerprint Lifter: स्पेशल टेप से फिंगरप्रिंट कलेक्ट करना।
Digital Fingerprint: निशानों को सीधे डिजिटल डेटाबेस में स्टोर करना।
कानूनी रूप से कितना मजबूत है यह सबूत?
Raipur Police News: भारतीय कानून में फिंगरप्रिंट को बहुत ही ठोस सबूत माना जाता है।
Indian Evidence Act 1872 की धारा 45 के तहत फिंगरप्रिंट को साक्ष्य (Evidence) के रूप में मान्यता प्राप्त है।
Fingerprint Act 1961 के तहत इनके संग्रहण और उपयोग के कड़े नियम बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट भी कई फैसलों में इसकी वैधता पर मुहर लगा चुका है।
“फिंगरप्रिंट किट की खरीदी के लिए टेंडर (Tender) जारी कर दिया गया है। जैसे ही ये किट उपलब्ध होंगे, इन्हें जरूरत के हिसाब से सभी थानों में बांट दिया जाएगा।”
— अरूण देव गौतम, DGP (Technological/Scientific unit)
Raipur Police News: इस आधुनिक पहल से छत्तीसगढ़ पुलिस की Investigation Quality में बड़ा सुधार आएगा। अब अपराधी चाहकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएंगे। Google Discover के पाठकों के लिए यह एक बड़ी अपडेट है कि पुलिसिंग अब पूरी तरह से ‘Data-Driven’ होने जा रही है।



















