Raipur Property Registry: Ab Nahi Hogi Bheed! City Me Khulenge 5 Naye Model Registry Offices, Check Locations

Raipur News Today: अगर आप रायपुर में प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. रायपुर कलेक्टोरेट (Collectorate) स्थित पंजीयन कार्यलय में होने वाली भारी भीड़ और लंबी लाइनों से अब जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है. प्रशासन ने रायपुर जिले में 5 नए मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय (Model Registry Offices) खोलने की तैयारी पूरी कर ली है.
In Areas Me Khulenge Naye Registry Office
Raipur Property Registry: रायपुर में बढ़ती आबादी और रियल एस्टेट (Real Estate) की डिमांड को देखते हुए, सरकार ने रजिस्ट्री सेंटर्स को विकेंद्रीकृत (decentralize) करने का फैसला लिया है. नए कार्यालय इन प्रमुख स्थानों पर खुलेंगे:
Raipur City (3 Offices): कमल विहार (Kamal Vihar), सड्डू (Saddu), और टाटीबंध (Tatibandh).
Industrial & Rural Areas: धरसींवा (Dharsiwa) और बीरगांव (Birgaon) नगर निगम क्षेत्र में एक-एक दफ्तर खोला जाएगा.
Dharsiwa aur Birgaon Ke Logon Ko Badi Rahat
Raipur Property Registry: अभी तक धरसींवा और बीरगांव के लोगों को छोटी से छोटी जमीन की रजिस्ट्री के लिए रायपुर शहर आना पड़ता था. इसमें न सिर्फ समय बर्बाद होता था, बल्कि कलेक्टोरेट में भीड़ की वजह से घंटों इंतजार करना पड़ता था.
Time Saving: अब स्थानीय स्तर पर ऑफिस खुलने से लोगों का सफर और समय दोनों बचेगा.
Reduced Crowding: कलेक्टोरेट कार्यालय पर बोझ कम होगा, जिससे काम में तेजी आएगी.
Sarkari Bhawan Ki Talash Shuru
Raipur Property Registry: पंजीयन विभाग (Registration Department) ने इन नए कार्यालयों के लिए सेटअप तैयार करना शुरू कर दिया है. जिला पंजीयक विनोज कोचे (Vinod Koche) के अनुसार:
प्राथमिकता Government Buildings को दी जा रही है.
अगर किसी क्षेत्र में सरकारी भवन उपलब्ध नहीं हुआ, तो Rented Buildings (किराये के भवन) में ऑफिस संचालित किए जाएंगे.
बजट में मंजूरी मिलने के बाद अब बिल्डिंग सिलेक्शन का काम जोरों पर है.
Kamal Vihar, Saddu, aur Tatibandh Kyun Chuna Gaya?
Raipur Property Registry: इन तीनों क्षेत्रों को रणनीतिक रूप से चुना गया है. ये कलेक्टोरेट से लगभग 7-8 किलोमीटर की दूरी पर हैं. इन सेंटर्स के खुलने से आसपास के ग्रामीण इलाकों और नई डेवलप हो रही कॉलोनियों के निवासियों को शहर के ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी.



















