राजिम कुंभ कल्प 2026: 1 फरवरी से सजेगा आस्था का महासंगम, जानें इस बार क्या होगा खास

राजिम कुंभ कल्प 2026: 1 फरवरी से सजेगा आस्था का महासंगम, जानें इस बार क्या होगा खास, छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक ‘राजिम कुंभ कल्प 2026’ अपनी भव्यता के लिए पूरी तरह तैयार है। माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस पावन मेले की तैयारियां अब युद्धस्तर पर शुरू हो चुकी हैं। इस बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मेले को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए आधुनिक सुविधाओं और परंपराओं का अनूठा संगम पेश कर रहे हैं।
राजिम कुंभ कल्प 2026: मुख्य तिथियां और आयोजन स्थल
राजिम कुंभ कल्प 2026: इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। मेले की शुरुआत माघ पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ होगी और समापन महाशिवरात्रि के विशेष पर्व पर होगा। राज्य सरकार ने इस आयोजन की भव्यता को देखते हुए 54 एकड़ की विशाल भूमि को नए मेला मैदान के रूप में आरक्षित किया है।
श्रद्धालुओं के लिए संगम में प्रवाहित होगी निर्मल जलधारा
राजिम कुंभ कल्प 2026: राजिम कुंभ की आत्मा यहाँ का त्रिवेणी संगम (महानदी, पैरी और सोंदूर) है। वर्तमान में नदी में जल का प्रवाह कम है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए मेला शुरू होने से ठीक दो दिन पहले, यानी 30 जनवरी को सिकासार जलाशय से पानी छोड़ा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि महाशिवरात्रि तक संगम में जल का प्रवाह निरंतर बना रहे, ताकि श्रद्धालु सुगमता से शाही स्नान कर सकें।
नया मेला मैदान: आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
राजिम कुंभ कल्प 2026: मेले की तैयारियों को लेकर राजिम विधायक, रायपुर कमिश्नर और गरियाबंद कलेक्टर लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। नए मेला मैदान को समतल करने और साफ-सफाई के लिए भारी मशीनें तैनात कर दी गई हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर: बिजली, पेयजल, चौड़ी सड़कें और लाइटिंग का काम शुरू हो चुका है।
सांस्कृतिक मंच: कलाकारों के लिए एक भव्य और विशाल मंच तैयार किया जा रहा है, जहाँ छत्तीसगढ़ी लोक कला और धार्मिक प्रवचनों की प्रस्तुति होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
राजिम कुंभ कल्प 2026: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन बेहद सतर्क है।
पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1000 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी।
नदी के घाटों पर विशेष लाइटिंग और गोताखोरों की टीम भी मौजूद रहेगी।
भगवान श्री राजीव लोचन का आशीर्वाद और ऐतिहासिक महत्व
राजिम कुंभ कल्प 2026: राजिम कुंभ का इतिहास आदिकाल से भगवान श्री राजीव लोचन के जन्मोत्सव से जुड़ा है। मेले के दौरान मंदिर की विशेष रंगाई-पुताई और सजावट की जाती है। केवल राजिम ही नहीं, बल्कि आसपास के सैकड़ों गाँवों के ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह मेला न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतिबिंब भी है।



















