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रक्षाबंधन 2025: सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

रक्षाबंधन 2025: सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

Raksha Bandhan 2025 Special Postal Service: सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा, रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्साह हर तरफ दिखने लगा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए रक्षा-सूत्र भेज रही हैं, चाहे भाई देश में हो या विदेश में। रायपुर के मुख्य डाकघर में इन दिनों बहनों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो इस स्नेह के धागे को समय पर अपने भाइयों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग की विशेष सेवाओं का लाभ उठा रही हैं।

इस साल राखी भेजने में 25% की बढ़ोतरी

रक्षाबंधन 2025: सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा
Raksha Bandhan 2025 Special Postal Service: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्साह हर तरफ दिखने लगा है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए रक्षा-सूत्र भेज रही हैं, चाहे भाई देश में हो या विदेश में। रायपुर के मुख्य डाकघर में इन दिनों बहनों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो इस स्नेह के धागे को समय पर अपने भाइयों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग की विशेष सेवाओं का लाभ उठा रही हैं।
इस साल राखी भेजने में 25% की बढ़ोतरी
इस वर्ष डाक विभाग की विशेष राखी सेवा के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। 23 जुलाई से शुरू हुई इस सेवा के माध्यम से अब तक 10,000 से अधिक राखियां भेजी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है, जो बहनों के इस पर्व के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा, अफगानिस्तान भी पहुंचा रक्षा-सूत्र
बहनों का प्यार सिर्फ देश की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार भी पहुंच रहा है। इस साल अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, जापान, रूस और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के लिए राखियां भेजी जा रही हैं। विशेष रूप से, सबसे अधिक राखियां ऑस्ट्रेलिया में बसे भाइयों के लिए भेजी गई हैं। वहीं, इस साल अफगानिस्तान के लिए भी पहली राखी भेजी गई, जो इस त्योहार के वैश्विक अपनेपन को दर्शाता है। हालांकि, पाकिस्तान के लिए इस वर्ष बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
सीमा पर तैनात जवानों के लिए खास इंतजाम
देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों की कलाइयां सूनी न रहें, इसके लिए भी डाक विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। आर्मी पोस्टल सर्विस (APS) के माध्यम से बहनें अपनी राखियां सीमा पर तैनात अपने भाइयों तक पहुंचा सकती हैं। ये राखियां पहले आर्मी पोस्ट ऑफिस भेजी जाती हैं, और फिर वहां से सुरक्षित जवानों तक पहुंचाई जाती हैं।
डाक विभाग की विशेष सुविधाएं: स्पेशल बॉक्स और लिफाफे
बहनों की सुविधा के लिए डाक विभाग ने कई खास इंतजाम किए हैं।
राखी स्पेशल बॉक्स: शहर में 20 रुपये के विशेष राखी बॉक्स लगाए गए हैं, जहाँ बहनें सीधे अपनी राखी सुरक्षित रूप से डाल सकती हैं।
वाटरप्रूफ लिफाफे: राखियों को बारिश से बचाने के लिए 10 रुपये में पीले रंग के वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध हैं। इन पर 5 रुपये का टिकट लगाकर पूरे भारत में कहीं भी राखी भेजी जा सकती है।
स्पीड पोस्ट: जल्दी राखी भेजने के लिए 41 रुपये में 50 ग्राम तक की स्पीड पोस्ट की सुविधा भी दी गई है।
बहनों का कहना है कि समय पर भाई की कलाई पर राखी सज जाए, तो उन्हें भी तसल्ली मिलती है और भाई को भी खुशी होती है। इसी भावना के साथ वे पहले ही अपनी राखियां पोस्ट कर रही हैं, ताकि त्योहार का आनंद दोगुना हो जाए।

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इस वर्ष डाक विभाग की विशेष राखी सेवा के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। 23 जुलाई से शुरू हुई इस सेवा के माध्यम से अब तक 10,000 से अधिक राखियां भेजी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है, जो बहनों के इस पर्व के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है।सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा, अफगानिस्तान भी पहुंचा रक्षा-सूत्र

बहनों का प्यार सिर्फ देश की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सात समंदर पार भी पहुंच रहा है। इस साल अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, जापान, रूस और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के लिए राखियां भेजी जा रही हैं। विशेष रूप से, सबसे अधिक राखियां ऑस्ट्रेलिया में बसे भाइयों के लिए भेजी गई हैं। वहीं, इस साल अफगानिस्तान के लिए भी पहली राखी भेजी गई, जो इस त्योहार के वैश्विक अपनेपन को दर्शाता है। हालांकि, पाकिस्तान के लिए इस वर्ष बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है।सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

सीमा पर तैनात जवानों के लिए खास इंतजाम

देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों की कलाइयां सूनी न रहें, इसके लिए भी डाक विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। आर्मी पोस्टल सर्विस (APS) के माध्यम से बहनें अपनी राखियां सीमा पर तैनात अपने भाइयों तक पहुंचा सकती हैं। ये राखियां पहले आर्मी पोस्ट ऑफिस भेजी जाती हैं, और फिर वहां से सुरक्षित जवानों तक पहुंचाई जाती हैं।सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

डाक विभाग की विशेष सुविधाएं: स्पेशल बॉक्स और लिफाफे

बहनों की सुविधा के लिए डाक विभाग ने कई खास इंतजाम किए हैं।

  • राखी स्पेशल बॉक्स: शहर में 20 रुपये के विशेष राखी बॉक्स लगाए गए हैं, जहाँ बहनें सीधे अपनी राखी सुरक्षित रूप से डाल सकती हैं।

  • वाटरप्रूफ लिफाफे: राखियों को बारिश से बचाने के लिए 10 रुपये में पीले रंग के वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध हैं। इन पर 5 रुपये का टिकट लगाकर पूरे भारत में कहीं भी राखी भेजी जा सकती है।

  • स्पीड पोस्ट: जल्दी राखी भेजने के लिए 41 रुपये में 50 ग्राम तक की स्पीड पोस्ट की सुविधा भी दी गई है।

बहनों का कहना है कि समय पर भाई की कलाई पर राखी सज जाए, तो उन्हें भी तसल्ली मिलती है और भाई को भी खुशी होती है। इसी भावना के साथ वे पहले ही अपनी राखियां पोस्ट कर रही हैं, ताकि त्योहार का आनंद दोगुना हो जाए।सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्यार, विदेशों में बसे भाइयों के लिए विशेष डाक सेवा

Pooja Chandrakar

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