राशन घोटाले का खुलासा: बस्तर में कुर्की, केसीजी में कमीशन से मामला दबाया गया

राशन घोटाले का खुलासा: बस्तर में कुर्की, केसीजी में कमीशन से मामला दबाया गया
? केसीजी जिले में राशन स्टॉक में भारी गड़बड़ी, विभाग पर उठे सवाल
खैरागढ़ (छत्तीसगढ़): केसीजी जिले की उचित मूल्य की दुकानों में राशन स्टॉक में भारी गड़बड़ी सामने आई है। कागजों में राशन मौजूद दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीन पर स्टॉक नदारद है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे, उल्टा दुकानदारों से सहमति पत्र भरवा कर मामला रफा-दफा कर रहे हैं।राशन घोटाले का खुलासा
? 218 दुकानों में 8,369 क्विंटल चावल की कमी, नोटिस के बाद भी नहीं हुई वसूली

वर्ष 2023-24 के विधानसभा बजट सत्र के दौरान राशन दुकानों में हेराफेरी का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि—
- खैरागढ़ ब्लॉक की 120 दुकानों में:
- 5,267 क्विंटल चावल
- 388 क्विंटल शक्कर
- 169 क्विंटल नमक की कमी
- छुईखदान ब्लॉक की 98 दुकानों में:
- 3,102 क्विंटल चावल
- 289 क्विंटल शक्कर
- 214 क्विंटल नमक
- 19 क्विंटल चना की कमी
इस मामले में नोटिस तो जारी हुआ, लेकिन कोई वसूली या कुर्की की कार्रवाई नहीं हुई।
? कमीशनखोरी से दब रहा मामला, अधिकारी भी नहीं देख रहे वेबसाइट के आंकड़े
ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक गायब दिखने के बावजूद, खाद्य विभाग के अफसर कह रहे हैं कि ऑनलाइन रिकार्ड गलत है।
जब उनसे पूछा गया कि वास्तविक स्टॉक कहां है, तो जवाब मिला—विभाग के पास नहीं, दुकान में जाकर देखना पड़ेगा!
? इससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मिलीभगत से पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है।राशन घोटाले का खुलासा
? 20 तारीख के बाद हो रहा राशन वितरण, हितग्राहियों को हो रही परेशानी

सरकारी निर्देशों के अनुसार, हर माह की शुरुआत में राशन मिलना चाहिए, लेकिन केसीजी में कई दुकानदार 20 तारीख के बाद राशन बांटते हैं।राशन घोटाले का खुलासा
? ऐसा इसलिए ताकि वे अगले महीने आने वाले चावल को चालू महीने में दिखाकर हेराफेरी कर सकें।
➡️ इससे हितग्राहियों को महीने की शुरुआत में ही राशन संकट का सामना करना पड़ता है।
?⚖️ बस्तर में हुई कुर्की, केसीजी में ‘कमीशन’ से बच गए दुकानदार
जहां बस्तर जिले में स्टॉक की कमी पाए जाने पर 10 दुकानदारों की संपत्ति कुर्क की गई, वहीं केसीजी में किसी पर कार्रवाई नहीं की गई।राशन घोटाले का खुलासा
? कमीशनखोरी के कारण दोषियों को बचाया जा रहा है।
? कांग्रेस करेगी स्टॉक का भौतिक सत्यापन, देगा ज्ञापन

कांग्रेस नेता मनराखन देवांगन ने बताया कि—
- उनकी पार्टी स्वतंत्र जांच टीम बनाकर राशन दुकानों का स्टॉक मिलान करेगी।
- स्टॉक की कमी पाए जाने पर संबंधित खाद्य निरीक्षक और सेल्समैन पर कार्यवाही की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
? देवांगन ने यह भी आरोप लगाया कि खाद्य निरीक्षक कमीशन लेकर स्टॉक में गड़बड़ी को दबा रहे हैं।
? सीधी बात – भुवनेश्वर चेलक, जिला खाद्य अधिकारी
- “स्टॉक की जहां कमी थी, वहां राशन जमा करा लिया गया है।”
- “ऑनलाइन रिकार्ड गलत है।”
- “वास्तविक स्टॉक की जानकारी केवल दुकानों से मिल सकती है।”
? अधिकारी खुद ही यह मान रहे हैं कि विभाग के पास वास्तविक स्टॉक का रिकॉर्ड नहीं है, जो पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करता है।
केसीजी में राशन वितरण व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
? कमीशन के बदले चुप्पी साधने वाले अफसर, फर्जी रिकॉर्ड्स और हितग्राहियों को परेशान करने वाली व्यवस्था—अब जनता जागरूक है और सवाल कर रही है।
? अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
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