जगदलपुर की ऋचा श्रीवास्तव को मिली PhD: ‘मनरेगा’ पर शोध कर हासिल की डॉक्टरेट, बस्तर का मान बढ़ाया
अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर ने प्रदान की उपाधि; रायपुर जिले में रोजगार गारंटी योजना के प्रभाव पर किया गया विस्तृत अध्ययन।

जगदलपुर: बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर की ऋचा श्रीवास्तव ने शैक्षणिक जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने उन्हें पीएचडी (विद्या वाचस्पति) की उपाधि प्रदान की है। ऋचा ने ‘मनरेगा के क्रियान्वयन’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपना शोध पूरा किया है, जिसे ग्रामीण विकास के अध्ययन में एक अहम योगदान माना जा रहा है।
मनरेगा के जमीनी प्रभाव पर किया गहन अध्ययन
शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर में अतिथि व्याख्याता के रूप में कार्यरत ऋचा श्रीवास्तव ने अपना शोध सीएमडी पीजी कॉलेज, बिलासपुर के वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. आदित्य कुमार दुबे के निर्देशन में पूरा किया।’मनरेगा’ पर शोध कर हासिल की डॉक्टरेट, बस्तर का मान बढ़ाया
उनके शोध का मुख्य विषय ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का कार्यान्वयन: रायपुर जिले के विशेष संदर्भ में’ था। अपने थीसिस में ऋचा ने योजना की जमीनी हकीकत को परखने का प्रयास किया है। उनके शोध के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:’मनरेगा’ पर शोध कर हासिल की डॉक्टरेट, बस्तर का मान बढ़ाया
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रोजगार सृजन: मनरेगा के तहत पैदा हुए रोजगार के अवसरों की वास्तविक स्थिति।
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आर्थिक-सामाजिक उन्नति: ग्रामीण परिवेश में योजना से आए सामाजिक और आर्थिक बदलाव।
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संचालन की वास्तविकता: धरातल पर योजना के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियां और प्रभाव।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध भविष्य में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभाव मूल्यांकन (Impact Assessment) में मददगार साबित होगा।
जगदलपुर और कायस्थ समाज के लिए गर्व का क्षण
ऋचा श्रीवास्तव की इस उपलब्धि से जगदलपुर और पूरे बस्तर संभाग में हर्ष का माहौल है। ऋचा मूल रूप से शांति नगर, जगदलपुर की निवासी हैं। वे मुन्नी श्रीवास्तव और स्व. शिवकुमार श्रीवास्तव की सुपुत्री हैं। इसके साथ ही, वे कायस्थ समाज जगदलपुर के अध्यक्ष अर्जुन श्रीवास्तव की ज्येष्ठ पुत्रवधू हैं।’मनरेगा’ पर शोध कर हासिल की डॉक्टरेट, बस्तर का मान बढ़ाया
समाज ने बताया ‘बस्तर की प्रतिष्ठा’
ऋचा की सफलता पर कायस्थ समाज और उनके परिजनों ने खुशी जाहिर की है। समाज के वरिष्ठ जनों ने इसे ‘बस्तर की प्रतिष्ठा’ से जोड़ते हुए कहा कि ऋचा ने अपनी कड़ी मेहनत से न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे शहर का नाम रोशन किया है। परिवार और शुभचिंतकों ने ऋचा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी है।’मनरेगा’ पर शोध कर हासिल की डॉक्टरेट, बस्तर का मान बढ़ाया









