लोरमी में रेत माफिया का तांडव: अवैध उत्खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, 3 कर्मी लहूलुहान

लोरमी में रेत माफिया का तांडव: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर माफियाओं द्वारा प्राणघातक हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हिंसक झड़प में तीन वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
देर रात रेत उत्खनन पर छापेमारी
घटना 10 अप्रैल की रात की है। खुड़िया वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिरिया के ‘भुकूनाला’ में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही वनरक्षक निलेश सोनकर, योगेश बरेठ और अभिषेक बर्मन समेत 6 कर्मचारियों की टीम मौके पर दबिश देने पहुंची।
मौके पर वन विभाग की टीम ने एक आयसर ट्रैक्टर (CG 28 05326) सहित रेत से लदे कई वाहन पाए। सघन जांच के दौरान वन क्षेत्र के भीतर 5 अन्य संदिग्ध वाहन भी खड़े मिले। टीम ने तत्परता दिखाते हुए 2 वाहनों को जब्त कर लिया, जबकि अन्य वाहनों के चालक अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।
जब्ती की कार्रवाई के दौरान अचानक हुआ हमला
लोरमी में रेत माफिया का तांडव:वन विभाग की टीम जब जब्त किए गए वाहनों को लेकर मुख्य मार्ग की ओर बढ़ रही थी, तभी रात करीब 11:20 बजे ग्राम झिरिया के कुछ असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडों से लैस होकर टीम को घेर लिया। हमलावरों ने अचानक टीम पर पथराव और हमला कर दिया।
इस हमले में वनरक्षक निलेश सोनकर, योगेश बरेठ और अभिषेक बर्मन को गंभीर चोटें आईं। अभिषेक बर्मन के सिर और कंधे पर गहरा घाव होने के कारण उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
सरपंच और ग्रामीणों ने बचाई वनकर्मियों की जान
हमले के वक्त स्थिति बेहद अनियंत्रित हो गई थी। वनकर्मियों को भीड़ से बचाने में सरगढ़ी के सरपंच चंदर तिलगाम और पूर्व सरपंच नरेश तिलगाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बीच-बचाव कर वनकर्मियों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
पुलिस की कार्रवाई: BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज
लोरमी में रेत माफिया का तांडव:घटना के बाद प्रार्थी वनरक्षक निलेश सोनकर ने लोरमी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ग्राम झिरिया निवासी राजकुमार यादव और राजेश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), और 351(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी
वन परिक्षेत्र अधिकारी रविंद्र धिरही ने बताया कि घायल कर्मचारियों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, एसडीओ (SDO) दशांश सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ वन विभाग का अभियान और तेज होगा। माफियाओं के डर से कार्रवाई नहीं रुकेगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
लोरमी की इस घटना ने एक बार फिर रेत माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को उजागर कर दिया है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।



















