
महादेव सट्टा ऐप केस: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। इस पूरे सिंडिकेट की एक अहम कड़ी माने जाने वाले राज गुप्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के करीबी राज गुप्ता के बयानों के आधार पर ईडी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली हैं।
दुबई से डिपोर्ट होने के बाद ईडी के सामने सरेंडर
वैशाली नगर (भिलाई) निवासी राज गुप्ता लंबे समय तक दुबई में रहकर सट्टा ऐप का संचालन देख रहा था। बताया जा रहा है कि दुबई में वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उसे वहां से डिपोर्ट कर दिया गया था। भारत लौटते ही राज गुप्ता ने रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया। पिछले सात महीनों में ईडी ने उससे 10 से 12 बार लंबी पूछताछ की है, जिससे सट्टा नेटवर्क की कई परतें खुल गई हैं।
राज गुप्ता के इनपुट पर 1700 करोड़ की 20 संपत्तियां कुर्क
महादेव सट्टा ऐप केस:राज गुप्ता ने पूछताछ के दौरान भारत और दुबई में फैले निवेश और संपत्तियों के पुख्ता दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए सौरभ चंद्राकर की 20 आलीशान संपत्तियों को अटैच किया है, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच के घेरे में पुलिस अधिकारी और मीडिया कनेक्शन
राज गुप्ता ने केवल संपत्तियों का ही नहीं, बल्कि इस अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों के नामों का भी खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में छत्तीसगढ़ के कुछ आईपीएस (IPS) अधिकारियों और मीडिया जगत से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल सीबीआई (CBI) भी इस मामले की डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बारीकी से जांच कर रही है। राज ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह दो पैनल संचालित करता था, जिन्हें बाद में किसी अन्य को सौंप दिया गया था।
अब तक की बड़ी कार्रवाई: आंकड़ों की जुबानी
महादेव सट्टा ऐप केस:महादेव सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय एजेंसियां देशभर में शिकंजा कस रही हैं। अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा कुछ इस प्रकार है:
छापेमारी: देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर दबिश।
गिरफ्तारी: अब तक 13 मुख्य आरोपियों को जेल भेजा गया।
कुल आरोपी: मामले में अब तक 74 लोगों को नामजद किया गया है।
कुल जब्त संपत्ति: लगभग 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति अब तक फ्रीज या अटैच की जा चुकी है।
भगोड़ा घोषित: रवि उप्पल और शुभम सोनी जैसे आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सरेंडर के बाद भी भिलाई में सक्रियता की चर्चा
हैरानी की बात यह है कि ईडी के सामने सरेंडर करने और जांच में सहयोग करने के बावजूद राज गुप्ता को भिलाई के स्थानीय इलाकों, बार और रैलियों में देखा गया है। उसके सोशल मीडिया पर रील पोस्ट करने और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने की खबरों ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। दुर्ग पुलिस भी पुराने मामलों में राज गुप्ता की भूमिका की तलाश कर रही है।
यह लेख उपलब्ध जानकारी और चल रही जांच के आधार पर तैयार किया गया है। इस मामले में कानूनी कार्यवाही अभी जारी है।



















