सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप, राज्य महिला आयोग ने 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट; कार्यकर्ताओं में रोष, इस्तीफे और सामूहिक आंदोलन की चेतावनी
सुकमा: आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप, राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान

सुकमा: सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप, राज्य महिला आयोग ने 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट; कार्यकर्ताओं में रोष, इस्तीफे और सामूहिक आंदोलन की चेतावनी, छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सरोज कुंवर पर कार्यकर्ताओं ने अभद्र व्यवहार, धमकी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि सुपरवाइजर की लगातार बदसलूकी और दबाव के कारण एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हृदयाघात से दुखद मौत हो गई, जबकि एक अन्य कार्यकर्ता ने अपनी नौकरी छोड़ दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य अधिवक्ता दीपिका शोरी ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवदास नेताम के कार्यालय पहुंचकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप
‘महिला कर्मियों की गरिमा से खिलवाड़ अस्वीकार्य’ – दीपिका शोरी
राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर के प्रति प्रतिबद्ध है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज की रीढ़ हैं – वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता का महत्वपूर्ण काम करती हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना निंदनीय और अस्वीकार्य है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि जांच में आरोप सत्य पाए गए, तो दोषियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप
महिला आयोग ने अधिकारियों से पूछा – ‘कार्रवाई में देरी क्यों?’
राज्य महिला आयोग सदस्य दीपिका शोरी ने अधिकारियों से कड़ा सवाल किया कि जब इतने गंभीर आरोपों की शिकायतें 10 दिन पहले दी जा चुकी हैं, तो अब तक जांच और कार्रवाई में देरी क्यों की गई? उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और इसकी एक प्रति आयोग को भी भेजी जाए। सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप
कार्यकर्ताओं ने आयोग के समक्ष रखी अपनी पीड़ा
कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपनी आपबीती आयोग सदस्य को सुनाई। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर सरोज कुंवर दोरनापाल और डुब्बाटोटा सेक्टर की कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा, अपमानजनक व्यवहार और धमकी का प्रयोग करती हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस कारण विभागीय वातावरण दूषित हो गया है और कई कार्यकर्ता मानसिक रूप से टूट चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक कार्यकर्ता ने आत्महत्या का प्रयास किया, एक ने नौकरी छोड़ दी, और कार्यकर्ता मुन्नी की हृदयाघात से मौत हो गई, जिसका कारण सुपरवाइजर की कथित प्रताड़ना को बताया गया। सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया
शिवदास नेताम, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सुकमा ने मीडिया को बताया, “आज मेरे कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी के साथ बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं पहुंचीं। उन्होंने हमारी एक सुपरवाइजर के विरुद्ध गंभीर शिकायत की है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, और यदि आरोप सही पाए गए तो दंडात्मक कार्रवाई निश्चित रूप से होगी।” सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कार्यक्रम अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सुपरवाइजर सरोज कुंवर को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है। ज्ञापन में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि विभागीय कार्रवाई में विलंब हुआ, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगी। इस घटना ने महिला एवं बाल विकास विभाग में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, और सभी की निगाहें अब महिला आयोग की जांच रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। सुकमा में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पर गंभीर आरोप



















