सोसाइटी हड़ताल का साइड इफेक्ट: 1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
3 नवंबर से चल रही सहकारी समितियों की हड़ताल का गरीबों पर भारी असर, कलेक्टरों को नोटिस जारी कर पंचायतों व स्व-सहायता समूहों से बंटवाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के प्रबंधकों और ऑपरेटरों की 3 नवंबर से जारी हड़ताल अब गंभीर रूप ले चुकी है। इसका सीधा प्रभाव राज्य की राशन वितरण व्यवस्था पर पड़ा है। राज्य की 4,500 से अधिक सोसाइटियों में से 1960 उचित मूल्य दुकानों में नवंबर माह का राशन अब तक नहीं बंट पाया है, जिससे गरीब, एपीएल तथा अन्य पात्र राशनकार्डधारी चावल, नमक, शक्कर, चना और गुड़ से वंचित हो रहे हैं।
10 नवंबर की डेडलाइन भी पार, अब तक नहीं बंटा राशन
खाद्य संचालक द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को भेजे गए आदेश में बताया गया है कि 10 नवंबर तक वितरण पूरा होना था, लेकिन अब सात अतिरिक्त दिन बीत चुके हैं। हड़ताल की वजह से कई जिलों में वितरण पूरी तरह ठप है।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
सरकार ने इसे गंभीर विषय मानते हुए कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि जहां राशन वितरण बाधित है, वहां ग्राम पंचायतों या महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तुरंत वितरण शुरू कराया जाए। संबंधित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जानकारी देने को भी कहा गया है।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
निम्न जिलों में सर्वाधिक दुकानें प्रभावित हुई हैं:
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महासमुंद – 435
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धमतरी – 247
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बलौदाबाजार – 231
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गरियाबंद – 213
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कवर्धा – 204
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रायपुर – 218
इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी दर्जनों उचित मूल्य दुकानों में दूसरा सप्ताह बीतने के बाद भी राशन नहीं बंट पाया है।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
हालांकि कुछ जिलों—बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, भरतपुर—में सभी दुकानों में वितरण नियमित रूप से जारी है। इन जिलों में सोसाइटी संचालकों ने हड़ताल के बावजूद राशन बांटने का कार्य किया।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
हड़तालियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
खाद्य विभाग ने कलेक्टरों को आदेश दिया है कि हड़ताल के कारण अति आवश्यक सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने वाली समितियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें और छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश-2016 के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई करें।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
बलौदाबाजार में बड़ा एक्शन: 13 कर्मचारी बर्खास्त
बलौदाबाजार जिले में प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए एक प्रभारी प्रबंधक सहित 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। ये सभी कर्मचारी धान खरीदी कार्य से इंकार करने और हड़ताल में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए थे।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में शामिल हैं—
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मंजुला शर्मा (सिमगा समिति)
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राकेश कुमार टंडन (खोखली समिति)
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मूलचंद वर्मा (धुर्रा बांधा)
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धर्मेन्द्र साहू (रोहांसी)
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रामकुमार साहू (तिल्दा)
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नंद कुमार पटेल (गिरौद)
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गोकुल प्रसाद साहू (हसुआ)
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ललित साहू (थरगांव)
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रामस्वरूप यादव (कटगी)
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खेलसिंग कैवर्त्य (चिखली)
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अमित साहू (कोसमसरा)
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भीम साहू (सरखोर)
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रविकमल (लवन)
तीन कर्मचारियों पर एफआईआर की तैयारी
पलारी विकासखंड में तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर प्रस्तावित है। इनमें शामिल हैं—
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राजेंद्र चंद्राकर (प्रभारी प्रबंधक, कोनारी समिति)
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बीरेंद्र साहू (कंप्यूटर ऑपरेटर, रोहरा समिति)
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टीका राम वर्मा (विक्रेता, रिसदा समिति)
इन सभी मामलों में शाखा प्रबंधक को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में
राशन वितरण जैसी अति महत्वपूर्ण सेवा प्रभावित होने के बाद राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हड़तालियों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। सभी जिलों में मोनिटरिंग बढ़ा दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं।1960 दुकानों में राशन वितरण ठप, सरकार एक्शन मोड में
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