SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत, आत्महत्या और हार्ट अटैक से कांपा विभाग
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की डेडलाइन का खौफ; 19 दिनों में 6 राज्यों के 16 बूथ लेवल अधिकारियों ने गंवाई जान, मध्य प्रदेश और गुजरात में हालात सबसे खराब।

नई दिल्ली/भोपाल: SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत, आत्महत्या और हार्ट अटैक से कांपा विभाग. देश भर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) अभियान ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर दी है। समय पर काम पूरा करने के भारी दबाव के चलते पिछले 19 दिनों में 16 BLOs की मौत हो गई है। मौत के कारणों में अत्यधिक तनाव के चलते आत्महत्या, हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज जैसी घटनाएं शामिल हैं।
4 दिनों तक सो नहीं सके, ऑनलाइन मीटिंग में ही निकल गई जान
SIR के काम का दबाव किस कदर हावी है, इसका अंदाजा मध्य प्रदेश की घटनाओं से लगाया जा सकता है। रायसेन में बीते गुरुवार को BLO रमाकांत पांडेय की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, काम के बोझ के कारण रमाकांत पिछले 4 दिनों से सोए नहीं थे। एक ऑनलाइन मीटिंग के दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत
इसी तरह भोपाल में पिछले 4 दिनों के भीतर 50 से अधिक बूथ लेवल अधिकारी बीमार पड़ गए हैं। इनमें से दो को हार्ट अटैक आया और एक को ब्रेन हेमरेज हुआ है। मोह में सीताराम गोंड (50) भी फॉर्म भरते समय बीमार हो गए।SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत
गुजरात: सुसाइड नोट में लिखा- ‘अब काम नहीं हो सकता’
गुजरात में स्थिति और भी भयावह है। सौराष्ट्र में शुक्रवार को अरविंद वाढेर नामक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा कि “अब काम नहीं हो सकता।” वहीं, वडोदरा में सहायक बीएलओ ऊषा बेन काम करते-करते बेसुध हो गईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तापी और खेड़ा में भी हार्ट अटैक से बीएलओ की जान जाने की खबर है।SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत
बंगाल और राजस्थान में भी तनाव ने ली जान
काम के दबाव का असर पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी देखने को मिला है:
-
पश्चिम बंगाल: नादिया जिले में BLO रिंकू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राज्य में SIR से जुड़ी यह दूसरी आत्महत्या है। एक अन्य महिला अधिकारी ने भी तनाव के चलते अपनी जान ले ली।
-
राजस्थान: जयपुर में रविवार को 48 वर्षीय बीएलओ मुकेश जांगिड़ ने तनाव के चलते ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। करौली और सवाई माधोपुर में भी हार्ट अटैक से अधिकारियों की मौत हुई है।
आंकड़े बता रहे हैं भयावह कहानी
बीते 19 दिनों में 6 राज्यों से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चिंताजनक हैं:
-
गुजरात व दमन: 4-4 मौतें
-
पश्चिम बंगाल: 3 मौतें
-
राजस्थान: 2 मौतें
-
केरल व तमिलनाडु: 1-1 मौत
अधिकारियों पर समय सीमा के भीतर डाटा अपडेट करने का इतना दबाव है कि वे अपनी सेहत और मानसिक स्थिति को दरकिनार कर काम कर रहे हैं, जिसका परिणाम इन दुखद घटनाओं के रूप में सामने आ रहा है।SIR का कहर: काम के अत्यधिक दबाव में 16 BLOs की मौत









