Sona Chandi ka Bhav: Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, चांदी ₹4,000 तो सोना ₹2,119 हुआ सस्ता; चेक करें आज के रेट्स

Sona Chandi ka Bhav: Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, चांदी ₹4,000 तो सोना ₹2,119 हुआ सस्ता; चेक करें आज के रेट्स, भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कई दिनों से जारी तेजी पर आज ब्रेक लग गया है। मंगलवार, 30 दिसंबर को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पांच दिनों की लगातार बढ़त के बाद चांदी की चमक कुछ फीकी पड़ी है, वहीं सोने के दाम भी काफी नीचे आए हैं।
सोने की कीमतों में ₹2,119 की बड़ी कटौती
Sona Chandi ka Bhav:इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में आज ₹2,119 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है।
आज का भाव: ₹1,34,362 प्रति 10 ग्राम
कल का भाव: ₹1,36,481 प्रति 10 ग्राम
चांदी ₹4,000 तक टूटी, 5 दिनों की तेजी थमी
Sona Chandi ka Bhav:चांदी की कीमतों में आज बड़ा सुधार देखने को मिला है। लगातार 5 दिनों तक आसमान छूने के बाद आज चांदी ₹3,973 लुढ़क गई है।
आज का भाव: ₹2,31,467 प्रति किलोग्राम
कल का उतार-चढ़ाव: सोमवार को चांदी एक समय ₹2,43,483 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन दिन खत्म होते-होते इसमें गिरावट शुरू हो गई थी।
2024 में सोने-चांदी ने दिया बंपर रिटर्न
Sona Chandi ka Bhav:इस साल निवेशकों के लिए सोना और चांदी दोनों ही “मल्टीबैगर” साबित हुए हैं:
सोना: इस साल अब तक सोने की कीमतों में 76% (करीब ₹58,200) की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी: चांदी ने इस साल सबको हैरान करते हुए 169% (करीब ₹1,45,450) का रिटर्न दिया है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम? (3 मुख्य कारण)
कमजोर होता डॉलर: अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे निवेशकों का रुझान सोने की तरफ बढ़ा है।
वैश्विक तनाव (Geopolitical Tension): रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया के अन्य हिस्सों में जारी तनाव के कारण निवेशक ‘सेफ हेवन’ के रूप में गोल्ड को चुन रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: चीन और अन्य देशों के रिजर्व बैंक भारी मात्रा में सोना जमा कर रहे हैं। अकेले इस साल 900 टन से अधिक सोना खरीदा गया है।
चांदी में उछाल की क्या है वजह?
इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी का इस्तेमाल बढ़ने से इसकी मांग बढ़ी है।
ट्रंप टैरिफ का डर: अमेरिका में संभावित नए व्यापार नियमों के कारण कंपनियां पहले ही चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं।
सप्लाई में कमी: मांग के मुकाबले उत्पादन कम होने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
भविष्य की भविष्यवाणी: क्या और बढ़ेंगे दाम?
Sona Chandi ka Bhav:बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट अस्थायी हो सकती है। केडिया एडवाइजरी के अनुसार, आने वाले एक साल में चांदी ₹2.75 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है। वहीं, सोने के भी अगले साल तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार जाने की संभावना जताई जा रही है।



















