SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम: अब केवल फॉर्म 5 और 6 होंगे मान्य, स्वयं स्क्राइब सुविधा नई शर्तों के साथ बहाल
आयोग ने DEPwD के निर्देशों पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र और स्क्राइब नियमों में किए बड़े बदलाव, पुराने फॉर्म भी फिलहाल मान्य

दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय जारी किया है। DEPwD (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) के निर्देशों के बाद आयोग ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र और स्क्राइब सुविधा से संबंधित नियमों में बड़े बदलाव लागू किए हैं। इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को सुविधा प्रदान करना और परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना है।
अब केवल दो फॉर्म होंगे मान्य
SSC की नई गाइडलाइन के अनुसार अब दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए केवल दो फॉर्म ही मान्य होंगे—
फॉर्म 5: एकल दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए
फॉर्म 6: बहु-दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए
पहले फॉर्म 5, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 का उपयोग किया जाता था। अब ये दो नए फॉर्म पुराने सभी प्रारूपों की जगह लेंगे।SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम: अब केवल फॉर्म 5 और 6 होंगे मान्य
पुराने फॉर्म भी मान्य, उम्मीदवारों को राहत
आयोग ने राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि 16 अक्टूबर 2024 के बाद जारी सभी परीक्षाओं और जिनकी भर्ती प्रक्रिया जारी है, उनमें उम्मीदवार नए फॉर्म (V और VI) या पुराने फॉर्म (5, 6, 7) किसी भी प्रारूप में प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
इसका मतलब है कि फिलहाल उम्मीदवारों को फॉर्म बदलने की कोई अनिवार्यता नहीं है।SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम: अब केवल फॉर्म 5 और 6 होंगे मान्य
SSC ने स्वयं स्क्राइब सुविधा फिर शुरू की, लेकिन नई शर्तों के साथ
DEPwD द्वारा जारी नवीन स्पष्टीकरण के बाद SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए “स्वयं स्क्राइब” सुविधा को फिर से लागू कर दिया है। यह सुविधा उन सभी परीक्षाओं पर लागू होगी जिनके नोटिस 31 दिसंबर या उससे पहले जारी हुए हैं।SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम: अब केवल फॉर्म 5 और 6 होंगे मान्य
हालांकि, इस बार आयोग ने कुछ नई और सख्त शर्तें भी जोड़ी हैं।
स्क्राइब की उम्र पर नए नियम
SSC ने परीक्षा स्तर के अनुसार स्क्राइब की अधिकतम आयु निर्धारित की है—
10वीं–12वीं स्तर की परीक्षा: स्क्राइब की अधिकतम आयु 20 वर्ष
स्नातक स्तर की परीक्षा: स्क्राइब की अधिकतम आयु 22 वर्ष
आयोग का कहना है कि इससे स्क्राइब की शैक्षणिक क्षमता और परीक्षा स्तर में सही संतुलन स्थापित होगा।
आधार आधारित सत्यापन अब अनिवार्य
अब सभी स्वयं स्क्राइब को परीक्षा केंद्र पर आधार आधारित सत्यापन कराना होगा।
अगर स्क्राइब का आधार सत्यापन पूरा नहीं हो पाता है, तो उम्मीदवार के पास दो विकल्प होंगे—
SSC द्वारा उपलब्ध कराए गए स्क्राइब को चुनना
या फिर बिना स्क्राइब के परीक्षा देना
SSC के इन नए नियमों से दिव्यांग उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र और स्क्राइब चयन में अधिक स्पष्टता मिलेगी। आयोग का उद्देश्य है कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यदि आप चाहें, तो मैं इस खबर का शॉर्ट वर्ज़न, सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।SSC ने दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बदले नियम: अब केवल फॉर्म 5 और 6 होंगे मान्य









