
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत राजपुर विकासखंड से एक चौंकाने वाला भूमि घोटाला सामने आया है। यहाँ सरकारी और निजी जमीन को नियमों को ताक पर रखकर एक विशेष परिवार के नाम करने के आरोप में बलरामपुर कलेक्टर ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोदौरा हल्का के पटवारी अजेन्द्र टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर की सख्त कार्रवाई: पटवारी तत्काल प्रभाव से निलंबित
राजपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर तब सवाल खड़े हो गए, जब कई गांवों की बेशकीमती जमीन को अवैध रूप से हस्तांतरित करने का मामला प्रकाश में आया। आरोपों के मुताबिक, पटवारी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए कथित तौर पर एक ही परिवार को फायदा पहुँचाया। इस अनियमितता की पुष्टि होने पर कलेक्टर ने आरोपी पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।70 एकड़ जमीन एक ही परिवार के नाम करने वाला पटवारी निलंबित, ऑनलाइन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
60 से 70 एकड़ भूमि का महाघोटाला: क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत कोदौरा, कोटडीह, भेण्डरी, परसवार खुर्द, करगडीहा और पकराडी में किया गया है। यहाँ लगभग 60 से 70 एकड़ भूमि, जिसमें शासकीय जमीन और किसानों की निजी भूमि दोनों शामिल हैं, उसे कथित तौर पर तहसीलदार और पटवारी की मिलीभगत से ‘गुप्ता परिवार’ के सदस्यों के नाम पर चढ़ा दिया गया। आरोप है कि यह पूरा खेल ऑनलाइन रिकॉर्ड्स में हेराफेरी करके खेला गया।70 एकड़ जमीन एक ही परिवार के नाम करने वाला पटवारी निलंबित, ऑनलाइन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
धान खरीदी पंजीयन के दौरान खुला राज
इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब किसान अपनी उपज बेचने के लिए धान खरीदी केंद्र में पंजीयन कराने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने ऑनलाइन खसरा और बी-1 की नकल निकाली, उनके होश उड़ गए। दस्तावेजों में वास्तविक भूमि स्वामियों का नाम हटाकर वहां गुप्ता परिवार का नाम दर्ज था। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लघुपज संघ के जिला अध्यक्ष लालसाय मिंज और अन्य नेताओं के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।70 एकड़ जमीन एक ही परिवार के नाम करने वाला पटवारी निलंबित, ऑनलाइन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
ऑनलाइन रिकॉर्ड में सेंधमारी: पटवारी की आईडी का हुआ इस्तेमाल
इस मामले में 5 दिसंबर को कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने तहसीलदार से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि वीरेंद्र गुप्ता और उनके परिजनों के नाम पर ‘बड़े झाड़’ और ‘छोटे झाड़’ के जंगल वाली सरकारी जमीनों को भी चढ़ा दिया गया है।70 एकड़ जमीन एक ही परिवार के नाम करने वाला पटवारी निलंबित, ऑनलाइन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
जांच में यह बात सामने आई है कि मैनुअल (लिखित) रिकॉर्ड में जमीन हस्तांतरण का कोई आदेश नहीं है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में ‘कैफियत कॉलम’ के भीतर पटवारी की आईडी (Login ID) का उपयोग करके नाम जोड़े गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक बड़ा साइबर और राजस्व अपराध है।70 एकड़ जमीन एक ही परिवार के नाम करने वाला पटवारी निलंबित, ऑनलाइन फर्जीवाड़े का भंडाफोड़









