
रायपुर साइबर क्राइम न्यूज: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में साइबर ठगों का जाल फैलता जा रहा है। शासन-प्रशासन की सख्ती के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत चिंताजनक है। ठगी का शिकार हुए लोगों को न तो उनकी डूबी हुई रकम वापस मिल पा रही है और न ही पकड़े गए अपराधियों को कानून के जरिए सजा मिल रही है। आखिर क्यों हमारा सिस्टम इन डिजिटल लुटेरों के सामने लाचार नजर आ रहा है?
रायपुर रेंज साइबर थाना: 415 गिरफ्तारियां, लेकिन सजा का आंकड़ा शून्य
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का आतंक:पिछले डेढ़ साल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने विभिन्न मामलों में अब तक 415 साइबर ठगों को सलाखों के पीछे भेजा है। डिजिटल साक्ष्य और पर्याप्त दस्तावेजी सबूत होने के बाद भी, विवेचना अधिकारियों की सुस्ती या तकनीकी खामियों के चलते अब तक एक भी आरोपी को सजा नहीं दिलाई जा सकी है। जेल जाने के बाद ये अपराधी आसानी से जमानत पर बाहर आ रहे हैं।
म्यूल बैंक खातों पर कार्रवाई: 3000 खाते बंद, पर मास्टरमाइंड अभी भी दूर
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का आतंक:पुलिस ने जांच के दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 3000 से अधिक ‘म्यूल’ (Mule) बैंक खातों को फ्रीज करवाया है। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था। हालांकि, खाताधारकों की गिरफ्तारी तो हो रही है, लेकिन जांच सतही होने के कारण मुख्य सरगना पुलिस की गिरफ्त से बाहर बने हुए हैं।
क्रिप्टो करेंसी के नाम पर बड़ी लूट: कारोबारी से 1.70 करोड़ की ठगी
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का आतंक:ठगी का एक ताजा और बड़ा मामला रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक जालसाज ने कारोबारी अशोक अग्रवाल को क्रिप्टो करेंसी में भारी मुनाफे का लालच देकर 1.70 करोड़ रुपये की चपत लगा दी।
कैसे हुई ठगी: आरोपी अशोक कुमार जोशी (निवासी खम्हारडीह) ने कारोबारी को निवेश के नाम पर झांसा दिया।
समय सीमा: फरवरी 2024 से दिसंबर 2024 के बीच किस्तों में रकम ली गई।
फरार आरोपी: जब कारोबारी ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी अपना फोन बंद कर थाइलैंड फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी के डराने वाले आंकड़े
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का आतंक:रायपुर रेंज साइबर पुलिस के पास दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार:
कुल दर्ज मामले: 106
ठगी गई कुल राशि: लगभग 41 करोड़ रुपये
कुल गिरफ्तारियां: 415 आरोपी
सबसे बड़ी चुनौती: अपराधी अक्सर पंजाब, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों से होते हैं। स्थानीय पुलिस उन्हें पकड़ती तो है, लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे अपने राज्यों में जाकर गायब हो जाते हैं और दोबारा पेशी पर नहीं लौटते।
किन राज्यों से जुड़ा है ठगी का कनेक्शन?
छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी का आतंक:छत्तीसगढ़ में सक्रिय साइबर ठगों के तार मुख्य रूप से इन राज्यों से जुड़े हैं:
पंजाब, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना।
साइबर ठगी से कैसे बचें? (Expert Tips)
किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्रिप्टो या शेयर बाजार में निवेश न करें।
लुभावने ऑफर वाले लिंक पर क्लिक करने से बचें।
अगर ठगी हो जाए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या ‘Cybercrime.gov.in’ पर शिकायत दर्ज करें।
अपने बैंक खातों और सोशल मीडिया के पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें।



















