शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म, प्रशासन ने ढहाया अवैध ‘प्राइवेट’ पुल

दुर्ग : शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म, प्रशासन ने ढहाया अवैध ‘प्राइवेट’ पुल. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कानून को ताक पर रखकर बहती नदी का रास्ता रोकने वाले एक रसूखदार ईंट-भट्टा ठेकेदार पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शिवनाथ नदी पर अपने निजी फायदे के लिए बनाए गए अवैध अस्थाई पुल (एनीकट) को प्रशासन की टीम ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
30 सालों का अवैध कब्जा: प्रशासन की पैनी नजर से नहीं बच सका ‘खेल’

हैरान कर देने वाली बात यह है कि शिवनाथ नदी पर यह अवैध निर्माण पिछले काफी समय से मौजूद था। सूत्रों के अनुसार, ईंट-भट्टा कारोबारी ने अपने व्यापारिक लाभ के लिए नदी की जलधारा को प्रभावित करते हुए इस संरचना को खड़ा किया था। जब मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए इसे हटाने के आदेश जारी किए।शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म
10 किमी की दूरी बचाने के लिए नदी से किया खिलवाड़
पथरिया और रवेलीडीह पंचायत के पास मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए पहले से ही सरकारी ब्रिज उपलब्ध है। इसके बावजूद, ईंट-भट्टा ठेकेदार ने कच्चे माल की ढुलाई में लगने वाले डीजल और समय को बचाने के लिए (करीब 10 किमी का फेरा कम करने के उद्देश्य से) बिना किसी अनुमति के नदी के बीचों-बीच खुद का ‘प्राइवेट पुल’ बना लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण न केवल अवैध था, बल्कि इससे पर्यावरण और नदी के प्रवाह को भी नुकसान पहुँच रहा था।शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म
कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: एसडीएम और जल संसाधन विभाग ने संभाला मोर्चा
कलेक्टर अभिजीत सिंह को जैसे ही इस अवैध एनीकट की प्रामाणिक जानकारी मिली, उन्होंने बिना देरी किए राजस्व और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम गठित की। 5 जनवरी को एसडीएम के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुँची और भारी मशीनों की मदद से अवैध पुल को तोड़ दिया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म
दोषी ठेकेदार पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने न केवल इस अवैध ढांचे को ध्वस्त किया है, बल्कि संबंधित ईंट-भट्टा ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की तैयारी भी शुरू कर दी है। सरकारी जमीन और नदी जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के मामले में ठेकेदार को भारी जुर्माना और अन्य कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।शिवनाथ नदी पर ईंट-भट्टा मालिक की दबंगई खत्म



















