
अपराधियों के हौसले बुलंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए शराब तस्करों और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। ग्राम पचरी में हुई इस हिंसा में सांकरा थाना प्रभारी (TI), प्रधान आरक्षक और महिला आरक्षकों सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में शासकीय कार्य में बाधा डालने और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पटेवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आबकारी एक्ट के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सांकरा टीआई उत्तम तिवारी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम 11 अप्रैल की शाम ग्राम पचरी में नामजद आरोपियों—विजय मार्कंडेय और विनोद मार्कंडेय—के घर दबिश देने पहुंची थी।
घेराबंदी के दौरान भड़की हिंसा
जैसे ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को उनके घर के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया, आरोपियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने न केवल पुलिस के साथ गाली-गलौज की, बल्कि शोर मचाकर अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को उकसाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया गया।
लाठी-डंडों और पत्थरों से हुआ हमला
अपराधियों के हौसले बुलंद: आरोपियों के उकसावे में आकर उनके परिजनों—जिनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे—ने पुलिस टीम पर लाठी, डंडे, लोहे की छड़ और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में:
सांकरा टीआई उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।
प्रधान आरक्षक अश्वंत मन्नाडे और कई महिला आरक्षक भी इस हमले में बुरी तरह घायल हुए हैं।
भीड़ ने पुलिस के सरकारी वाहन को भी निशाना बनाया, जिससे हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ी के कांच फूट गए।
अपनी ही भीड़ के पत्थर से घायल हुई आरोपी की बहन
घटना के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति तब पैदा हुई जब आरोपियों को बचाने के लिए उनकी बहन हेमा पुलिस की गाड़ी के सामने सड़क पर लेट गई। इसी बीच, भीड़ की तरफ से पुलिस पर फेंके जा रहे पत्थर हेमा को जा लगे, जिससे वह भी घायल हो गई। हालांकि, घायल होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने मानवीयता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और कड़ी मशक्कत के बाद आरोपियों को लेकर थाने पहुंचे।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई: मामला दर्ज
अपराधियों के हौसले बुलंद: इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। पटेवा थाने में आरोपी विजय मार्कंडेय, विनोद मार्कंडेय और उनके अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन सभी उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होंने सरकारी ड्यूटी पर तैनात जवानों पर हमला किया और कानून को हाथ में लेने की कोशिश की।
अपराधियों के हौसले बुलंद: यह लेख स्थानीय पुलिस रिपोर्ट और घटनाक्रम पर आधारित है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और जांच जारी है।



















