छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नंदन वन जंगल सफारी में नागालैंड से लाए जा रहे दो हिमालयन भालुओं में से एक की रहस्यमयी मौत ने वन विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण कार्यकर्ताओं ने इस मामले पर सवाल उठाए हैं और वन विभाग पर लापरवाही एवं जानकारी छुपाने के आरोप लगे हैं। छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!
हिमालयन भालू आखिर कहां गायब हुआ?
नागालैंड के दीमापुर चिड़ियाघर से छत्तीसगढ़ के जंगल सफारी के लिए वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत दो हिमालयन भालू लाए जा रहे थे। बदले में छत्तीसगढ़ वन विभाग ने नागालैंड को पांच चीतल और दो ब्लैकबक भेजे।
लेकिन रायपुर पहुंचने के बाद यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि सिर्फ एक भालू जंगल सफारी लाया गया, जबकि दूसरे भालू का कोई सुराग नहीं मिला। इस घटना के बाद वन विभाग पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!
क्या रास्ते में ही मर गया भालू?
वन्यजीव कार्यकर्ता नितिन सिंघवी का आरोप है कि गायब भालू की मौत परिवहन के दौरान ही हो गई थी, लेकिन वन विभाग इस सच्चाई को छुपाने की कोशिश कर रहा है।
अगर भालू की मौत हुई थी, तो सवाल यह उठता है कि:
- उसकी मौत कब और कैसे हुई?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहां है और क्या इसे सार्वजनिक किया गया?
- भालू की मौत छुपाने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्या डॉक्टरों की लापरवाही से गई भालू की जान?
परिवहन के दौरान हिमालयन भालू की मौत को लेकर वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
- भालुओं को लाने के लिए वन विभाग ने दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजी थी।
- लेकिन सवाल उठता है कि क्या इन डॉक्टरों को सुरक्षित वन्यजीव परिवहन की सही ट्रेनिंग दी गई थी?
- क्या भालू की तबीयत खराब होने पर समय पर सही इलाज दिया गया? छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!
छत्तीसगढ़ वन विभाग पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के प्रबंधन को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं।
? हाल ही में बारनवापारा अभयारण्य से एक मादा बाइसन को अकेले गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजा गया था, जहां उसकी भी मौत हो गई।
? इससे पहले जंगल सफारी और कानन पेंडारी में कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है, लेकिन वन विभाग से ठोस जवाब कभी नहीं मिला। छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!
वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ताओं की मांग:
वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण संगठनों ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
1️⃣ जंगल सफारी और कानन पेंडारी में वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम पर रोक लगे।
2️⃣ परिवहन में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों को तत्काल निलंबित किया जाए।
3️⃣ वन विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और जनता के सामने रिपोर्ट जारी करे।
क्या सरकार उठाएगी कोई कदम?
अब सवाल यह है कि क्या छत्तीसगढ़ सरकार और वन विभाग इस मामले में जवाबदेही लेंगे या हमेशा की तरह मामले को दबाने की कोशिश करेंगे?
अगर वन विभाग अपनी लापरवाहियों को जारी रखता है, तो आने वाले समय में कई और दुर्लभ वन्यजीवों की जान जा सकती है। छत्तीसगढ़ में हिमालयन भालू की रहस्यमयी मौत, वन विभाग पर उठे सवाल!



















