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छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही, अब 118 कैमरों से होगी निगरानी

छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही, अब 118 कैमरों से होगी निगरानी

मुख्य बातें:

  • छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं, जिसमें हर महीने औसतन 725 लोगों की मौत हो रही है।

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  • हादसों पर लगाम कसने के लिए राज्य के प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में 118 आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।

  • नियम तोड़ने वालों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी और उनके मोबाइल पर सीधे ई-चालान भेजा जाएगा।

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही, छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है, जहां हर महीने लगभग 1300 सड़क हादसे हो रहे हैं। इन दर्दनाक हादसों में औसतन 725 लोगों की जान चली जाती है, जबकि 1200 से अधिक लोग घायल होते हैं। इन भयावह आंकड़ों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य पुलिस ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है।

हादसे रोकने के लिए हाई-टेक प्लान

सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए राज्य पुलिस ने केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के तहत, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) फेस-2 के अंतर्गत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, सरगुजा और बस्तर जैसे प्रमुख शहरों के दुर्घटना-संभावित स्थानों पर 118 कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे हादसों को रोकने, ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही

क्यों जरूरी हैं ये कैमरे?

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों ने 33,700 से ज्यादा जानें ली हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद शामिल हैं। समीक्षा में यह पाया गया कि ज्यादातर हादसे ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। अधिकारियों का मानना है कि हर दुर्घटना-संभावित जगह पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती संभव नहीं है। कैमरे लगने से इन स्थानों की चौबीसों घंटे निगरानी हो सकेगी, जिससे हादसों के वास्तविक कारणों का पता चलेगा और दोषी चालकों पर कार्रवाई करना आसान होगा।छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही

नियम तोड़ा तो घर आएगा चालान

ये कैमरे हाईवे पर तेज रफ्तार, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखेंगे। जैसे ही कोई चालक नियम तोड़ेगा, ITMS कैमरा स्वचालित रूप से एक ऑनलाइन चालान उत्पन्न करेगा, जिसे सीधे वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा। इस तकनीक का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को कम करना और अंततः सड़क हादसों को रोकना है।छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही

एआईजी ट्रैफिक, संजय शर्मा ने पुष्टि की है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए विभिन्न जिलों के दुर्घटना-संभावित स्थानों पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इस कदम से राज्य में सड़क सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मौत का तांडव: हर महीने 725 जानें जा रही

Nidar Chhattisgarh Desk

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