जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र, पुलिस कराने वाली थी दोस्त का ‘नार्को टेस्ट’; 1 साल बाद जिंदा मिला वो बेटा
हैरान करने वाला मामला: 9 महीने से गायब बेटे की हत्या के शक में पुलिस ने MP में जमीन खोद डाली, संदेही के ब्रेन मैपिंग की थी तैयारी, तभी मिली एक सूचना और पलट गई पूरी बाजी।

बैकुंठपुर/जनकपुर (MCB): जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र, पुलिस कराने वाली थी दोस्त का ‘नार्को टेस्ट’; 1 साल बाद जिंदा मिला वो बेटा. छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले से एक बेहद फिल्मी और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक मां को पूरा यकीन था कि उसके लापता बेटे की हत्या कर दी गई है। मां के दावे पर पुलिस ने हत्या का मामला सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश जाकर जमीन (कब्र) तक खुदवा डाली, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। पुलिस संदेही का ‘ब्रेन मैपिंग’ और ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ कराने ही वाली थी कि अचानक कहानी में ट्विस्ट आ गया। जिस बेटे को मृत मानकर पुलिस और परिजन खोज रहे थे, वह एक साल बाद जिंदा बरामद हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
जनकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़वाही (घुघरीपारा) की रहने वाली गुड्डी पनिका ने पुलिस के पास पहुंचकर अपने बेटे के लापता होने और हत्या की आशंका जताई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुड्डी का 19 वर्षीय बेटा राजकुमार, गांव के ही अपने एक परिचित छोटू बैगा के साथ पिछले साल 17 नवंबर को काम करने के लिए मेरठ गया था। कुछ समय बाद छोटू बैगा तो गांव लौट आया, लेकिन राजकुमार नहीं लौटा।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र
जब 9 महीने तक राजकुमार का कोई पता नहीं चला और छोटू से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो मां का शक गहरा गया। उसने 12 अगस्त को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और आशंका जताई कि छोटू ने ही उसके बेटे की हत्या कर दी है।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र
हत्या के शक में MP में खुदवाई गई जमीन
मां गुड्डी पनिका ने पुलिस को बताया कि उसे शक है कि उसके बेटे को मारकर मध्य प्रदेश के गोहपारू थाना क्षेत्र के ग्राम बेल्ली में दफनाया गया है। यह जगह संदेही छोटू बैगा के रिश्तेदार के घर के पास है।
इस सूचना पर जनकपुर पुलिस की टीम फौरन मध्य प्रदेश पहुंची। पुलिस ने प्रशासन की मौजूदगी में उस जगह की खुदाई करवाई जहां शव दफनाने का शक था। काफी खुदाई के बाद भी वहां न तो कोई शव मिला और न ही कोई सुराग।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र
संदेही के ब्रेन मैपिंग की हो गई थी तैयारी
जमीन की खुदाई में कुछ न मिलने के बावजूद मां का शक बरकरार था और युवक का कोई पता नहीं चल रहा था। ऐसे में एसपी रतना सिंह और एसडीओपी एलेक्सुस टोप्पो के निर्देशन में पुलिस ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लेने का फैसला किया। पुलिस ने संदेही छोटू बैगा के ब्रेन मैपिंग (Brain Mapping) और पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन भी प्रस्तुत कर दिया था।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र
एक सूचना ने बदली कहानी
जांच अपने चरम पर थी, तभी पुलिस को मुखबिरों से एक अहम सूचना मिली। पता चला कि ‘मृत’ समझा जा रहा राजकुमार अपने भाई कमलेश के ससुराल में है, जो मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र (ग्राम बरनानिगई) में पड़ता है।
खबर मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे की टीम ने राजकुमार के भाई कमलेश से संपर्क किया और जयसिंहनगर रोड पर घेराबंदी कर राजकुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र
परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं
एक साल से बेटे की अनहोनी की आशंका में जी रही मां और परिवार ने जब राजकुमार को जिंदा देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस ने युवक को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया है। इस गुत्थी को सुलझाने में थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे, संदीप बागीस, संजय पांडेय, सूर्यपाल और विष्णु यादव की भूमिका अहम रही।जिसे मरा समझकर मां ने खुदवाई कब्र









